राजेश सरकार
प्रयागराज। जनपद में आयुष चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत और व्यवस्थित स्वरूप देने की दिशा में तैयारी तेज हो गई है। शुक्रवार को संगम सभागार में आयोजित जिला आयुष समिति शासी निकाय की बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने पर जोर दिया गया।
वर्तमान में किराए के भवनों में संचालित राजकीय आयुष चिकित्सालयों के लिए स्थायी सरकारी भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे आने वाले समय में आयुष सेवाओं को स्थायी ढांचा मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
बैठक मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह की अध्यक्षता में हुई, जबकि पूरी कार्यवाही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देशन में संपन्न हुई।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 100 बेड के एकीकृत आयुष चिकित्सालय और 25 बेड के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के निर्माण को लेकर लिया गया। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी को भूमि संबंधी प्रस्तावों की पत्रावली शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष विभाग की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को भी तेजी से लागू करने पर बल दिया गया।
बैठक में यह भी माना गया कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के प्रति लोगों का बढ़ता भरोसा अब बेहतर और स्थायी स्वास्थ्य ढांचे की मांग कर रहा है। इसी दिशा में प्रयागराज में आयुष सेवाओं को नई पहचान देने की तैयारी शुरू हो चुकी है।
बैठक में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. नवीन सोनी, जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. सीमा अग्रवाल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक आयुष विभाग डॉ. एच. के. मिश्रा, परियोजना निदेशक ग्रामीण विकास, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा सूचना अधिकारी युवराज सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
