मुख्यपृष्ठनए समाचारसाइबर थाना शाहदरा की बड़ी सफलता ...अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का 8...

साइबर थाना शाहदरा की बड़ी सफलता …अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का 8 करोड़ रुपये से अधिक का भंडाफोड़

योगेश कुमार सोनी

पूर्वी दिल्ली। शाहदरा जिले की साइबर टीम ने एक बार फिर शानदार कार्य करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। इस मामले में ऑनलाइन ठगी में शामिल कुल 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से संचालित एक अंतरराज्यीय मॉड्यूल का भी खुलासा किया है।

कार्रवाई के दौरान 18 मोबाइल फोन, 19 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, तीन एटीएम कार्ड, चार चेक बुक और दो स्टाम्प बरामद किए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, 25 अप्रैल को गीता कॉलोनी स्थित एक होटल में कुछ लोगों के संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल एक रेडिंग टीम गठित की गई और होटल में छापेमारी की गई।

छापेमारी के दौरान विभिन्न राज्यों के कई लोग अलग-अलग कमरों में ठहरे हुए पाए गए। पूछताछ और तलाशी के दौरान 12 व्यक्तियों को मौके से पकड़ा गया, जिन्होंने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह में शामिल होने की बात स्वीकार की। आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने और अन्य वित्तीय लाभ का लालच देकर ठगी कर रहे थे।

इस संबंध में साइबर थाना शाहदरा में एफआईआर संख्या 20/2026, धारा 317(2)/318(4)/112(2)/61(2)/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

गुप्त सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर श्वेता शर्मा, एसआई श्याम बिहारी, एसआई विवेक, एएसआई राजदीप, एचसी जावेद, एचसी दीपक, एचसी नरेंद्र, एचसी कपिल और एचसी सचिन की टीम गठित की गई। यह टीम थानाध्यक्ष साइबर विजय कुमार के नेतृत्व और एसीपी मोहिंदर सिंह के पर्यवेक्षण में कार्यरत रही।

जांच में सामने आया कि आरोपी तेलंगाना, पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के निवासी हैं और टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से मुख्य संचालक परदीप उर्फ अल्फा और किंग उर्फ तेजपाल सिंह उर्फ तेजी के निर्देश पर संगठित तरीके से काम कर रहे थे।

गिरोह ठगी की रकम को विभिन्न म्यूल बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर कर जांच से बचने का प्रयास करता था। एक बैंक खाता 40 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़ा पाया गया, जिनमें करीब 1.5 करोड़ रुपये की ठगी हुई थी। वहीं, बरामद कैनरा बैंक एटीएम कार्ड लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़ा पाया गया। कुल वित्तीय जांच में 8 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का खुलासा हुआ है।

इसके अलावा टेलीग्राम चैट, एपीके आधारित टूल और सिम कार्ड जैसे डिजिटल साक्ष्यों से गिरोह की संगठित संरचना की पुष्टि हुई है। पुलिस रिमांड के दौरान दो अन्य आरोपी परदीप उर्फ अल्फा और गेवी को लुधियाना, पंजाब से गिरफ्तार किया गया, जिससे कुल आरोपियों की संख्या 14 हो गई।

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, जॉब पोर्टल और मैसेजिंग एप के जरिए नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाता था। पीड़ितों को वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम या हाई सैलरी जॉब का लालच दिया जाता था। बाद में उनसे रकम लेकर उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था, ताकि ट्रैकिंग से बचा जा सके। फिलहाल मामले में अन्य आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।

अन्य समाचार