सामना संवाददाता / मुंबई
8 मई 2026 को ब्रिटिश टेक्सटाइल मशीनरी एसोसिएशन ने भारत आईटीएमई सेंटर के सहयोग से मुंबई में UK-India टेक्सटाइल मशीनरी कॉरिडोर लॉन्च किया। इसके साथ ही यूनाइटेड किंगडम और भारत के टेक्सटाइल मशीनरी सेक्टर के बीच एक व्यवस्थित द्विपक्षीय व्यापार कॉरिडोर स्थापित हो गया है। यह पहल दोनों देशों के बीच टेक्सटाइल मशीनरी सहयोग पर केंद्रित पहला विशेष गठबंधन है।
इस कार्यक्रम का उद्घाटन भारत की टेक्सटाइल कमिश्नर वृंदा देसाई ने किया। इस अवसर पर ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन के डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड से सुजीत थॉमस भी उपस्थित रहे।
भारत का टेक्सटाइल और परिधान उद्योग वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर के बाजार आकार का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी दिशा में आने वाले तीन वर्षों में मशीनरी के आधुनिकीकरण और अपग्रेडेशन की योजना बनाई गई है।
लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वृंदा देसाई ने भारत की टेक्सटाइल इंडस्ट्री के आधुनिकीकरण में वैश्विक भागीदारी की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सहयोग से तकनीकी उन्नयन के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नए अवसर भी खुलेंगे।
यह कॉरिडोर भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने के साथ टेक्सटाइल मशीनरी क्षेत्र में नवाचार और निवेश को भी बढ़ावा देगा।
