सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में वन्यजीवों की अवैध तस्करी पर लगाम कसने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई को और सशक्त बनाने के लिए विशेष स्निफर डॉग स्क्वॉड तैनात किए जाएंगे। ये डॉग स्क्वॉड्स वन विभाग और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेंगे और तस्करी के मामलों का पता लगाने में मदद करेंगे। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इन कुत्तों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे वन्यजीवों से जुड़े अवैध उत्पादों जैसे खाल, दांत, हड्डियां और अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं को सूंघकर पहचान सकें। अक्सर तस्कर इन चीजों को छिपाकर ले जाते हैं, जिन्हें सामान्य जांच के दौरान पकड़ पाना मुश्किल होता है। ऐसे में प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड्स इस समस्या का प्रभावी समाधान साबित हो सकते हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी और वन्यजीव संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों, जंगलों और ट्रांजिट पॉइंट्स पर निगरानी भी बढ़ाई जाएगी, जिससे अवैध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित संसाधनों के उपयोग से ही वन्यजीव तस्करी जैसे संगठित अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। सरकार का यह कदम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
