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अडानी हटाओ, धारावी बचाओ! …सरकार की मनमानी पर धारावीकरों का फूटा गुस्सा

-महाविकास आघाड़ी के नेतृत्व में निकला विशाल मोर्चा
सामना संवाददाता / मुंबई
धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर कल धारावी में बड़े स्तर पर जनाक्रोश देखने को मिला। ‘धारावी बचाव आंदोलन’ के बैनर तले हजारों स्थानीय रहिवासियों ने अपात्र और अनिर्णीत घोषित किए जा रहे लोगों के विरोध में विशाल मोर्चा निकाला। यह मोर्चा कुम्हारवाड़ा नाका से शुरू होकर ९० फीट रोड होते हुए साहिल होटल के पास समाप्त हुआ। इस दौरान लोगों ने ‘अडानी हटाओ, धारावी बचाओ’ लगाने के साथ ही सरकारी एजेंसियों से पुनर्विकास करने की मांग की। इसके बाद एसआरए के कार्यकारी अधिकारी डॉ. महेंद्र कल्याणकर से मुलाकात कर अपनी मांगों का विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
गौरतलब है कि धारावी पुनर्विकास प्रकल्प में सर्वे के नाम पर मकानों की धांधली का मामला सामने आया था, जिसके बाद कई लोगों पर मामला दर्ज किया गया था। इतना ही नहीं, सैकड़ों लोगों को अपात्र ठहरा कर उन्हें बेघर किया जा रहा है। बता दें कि यह प्रकल्प अडानी की झोली में गया है। किंतु अभी तक लोगों को बिना विश्वास में लिए अडानी द्वारा कार्य किया जा रहा है। कल धारावी बचाव आंदोलन के नेतृत्व में विशाल जनाक्रोश मोर्चे में सभी राजनीतिक दलों के नेता शामिल हुए थे।

ये नेता हुए शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से शिवसेना नेता अंबादास दानवे, सांसद अनिल देसाई, वर्षा गायकवाड, ज्योति गायकवाड, महेश सावंत सहित कई जनप्रतिनिधि, नगरसेवक और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी मौजूद रहे। साथ ही विभिन्न संगठनों और धारावी बचाव आंदोलन के समन्वयकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

१५ प्रमुख मांगें
मोर्चे के दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार और संबंधित एजेंसियों के सामने १५ प्रमुख मांगें रखीं। इनमें प्रमुख हैं, धारावी के सभी १.२० लाख झोपड़ों को पात्र घोषित किया जाए अपात्र और अनिर्णीत की श्रेणी समाप्त की जाए। सभी रहिवासियों को धारावी में ही कम से कम ५०० वर्गफुट का घर मिले। व्यापार, उद्योग और छोटे व्यवसायों के लिए धारावी में ही विशेष आर्थिक जोन बनाया जाए। धार्मिक स्थल, स्कूल, अस्पताल और सार्वजनिक सुविधाओं को संरक्षित कर पुनर्विकास किया जाए। २० वर्षों तक सभी टैक्स और सोसाइटी खर्च माफ किए जाएं। पात्रता की समयसीमा ३१ दिसंबर १९९९ हटाकर सर्वे तिथि या २०११ तक की जाए।

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