मुख्यपृष्ठटॉप समाचारआम आदमी का ‘भोजन मुहाल’...महंगाई का फूटा बम!.. सब्जियों की कीमतें दोगुनी

आम आदमी का ‘भोजन मुहाल’…महंगाई का फूटा बम!.. सब्जियों की कीमतें दोगुनी

– भावों के अभी और भड़कने के आसार

– ईंधन महंगा होने से बाजार में हाहाकार

सुनील ओसवाल / मुंबई

भाजपा सरकार के राज में अब आम आदमी का भोजन ‘मुहाल’ होता जा रहा है। एक तो र्इंधन का संकट और ऊपर से भीषण गर्मी ने सब्जियों के दाम में आग लगा रखी है, ऊपर से सरकार ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर रही-सही कसर पूरी कर दी है। महंगाई के इस ‘फूट रहे बम’ ने आम आदमी की जिंदगी को भारी मुश्किलों में डाल दिया है।
बता दें कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई अब आम आदमी की रसोई पर सबसे बड़ा हमला बनकर टूट रही है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ने के बाद अब सब्जियों की कीमतों ने भी जनता की कमर तोड़ दी है। मुंबई, नई मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई जिलों में रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली सब्जियां तेजी से महंगी हो गई हैं। उनके भाव दोगुने से भी ज्यादा हो गए हैं।
व्यापारियों का कहना है
सब्जी व्यापारियों के मुताबिक, डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ गया है। खेतों से मंडियों तक सब्जियां पहुंचाने में ज्यादा लागत लग रही है, जिसका सीधा असर बाजार भाव पर पड़ रहा है। दूसरी ओर भीषण गर्मी और कम उत्पादन के कारण बाजार में सब्जियों की आवक भी घट गई है।
वर्तमान कीमतें
बाजार में हरी मिर्च १५० रुपए किलो, प्रâेंच बीन्स २०० रुपए किलो और टमाटर ५० से ६० रुपए किलो बिक रहे हैं। वहीं फ्लॉवर १२० रुपए किलो, गवार १४० से १६० रुपए किलो, वांगे ८० से १०० रुपए किलो और पत्तागोभी ६० से ८० रुपए किलो तक पहुंच गई है।
कमाई बढ़ नहीं रही पर भाव बढ़ रहे हैं!
लोगों के ऊपर ‘महंगाई बम’ फूटा है। रसोई गैस पहले ही लोगों के बजट को बिगाड़ चुकी है, अब सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने हालात और खराब कर दिए हैं। आम लोगों का कहना है कि कमाई नहीं बढ़ रही, लेकिन हर हफ्ते बाजार के भाव जरूर बढ़ रहे हैं।
हरी सब्जियों के दामों में भी भारी उछाल देखने को मिल रहा है। मेथी, पालक, शेपू, कांदापात और वाल जैसी रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जियों के भाव भी काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। मेथी और पालक की जुड़ी ४० से ६० रुपए में बिक रही है, जबकि पत्तावाला प्याज और सोआ के बढ़े दामों ने गृहिणियों की चिंता बढ़ा दी है।
बस किराया बढ़ेगा
डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण राज्य परिवहन महामंडल पर करीब १२५ करोड़ रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात सामने आई है। इसी के चलते एसटी किराए में बढ़ोतरी की चर्चा तेज हो गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने भी किराया बढ़ाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते र्इंधन खर्च के कारण एसटी महामंडल पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और कुछ ‘अपरिहार्य निर्णय’ लेने पड़ सकते हैं। उनके इस बयान के बाद यात्रियों में चिंता बढ़ गई है।

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