सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई और इसके आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। नदियां उफान पर हैं, पेड़ गिर रहे हैं और कई जगह भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं। लगातार बारिश के कारण अनेक स्थानों पर यातायात व्यवस्था भी चरमरा गई है। लोनावला और मावल तहसील क्षेत्र में मौजूदा समय में बेहद खतरनाक स्थिति बनी हुई है। इसे देखते हुए पर्यटकों की सुरक्षा के मद्देनजर पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने लोनावला पुलिस थाना क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, २०२३ की धारा १६३ के तहत कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। ये प्रतिबंध ६ जुलाई की मध्यरात्रि १२ बजे से लेकर ३१ जुलाई की सुबह ६ बजे तक प्रभावी रहेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पर्यटन पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, बल्कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया एहतियाती कदम है।
पर्यटन स्थलों पर हादसों का खतरा
बरसात के मौसम में लोनावला के भूशी डैम, लायंस प्वाइंट, टाइगर प्वाइंट, पवना डैम, एंबी वैली, एकवीरा देवी मंदिर तथा लोहगड, विसापुर, तिकोना और तुंग किले पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। लेकिन मौजूदा अतिवृष्टि के कारण इन पर्यटन स्थलों पर हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है। प्रशासन ने अपील की है कि सैर-सपाटे के उत्साह में कोई भी पर्यटक अपनी जान जोखिम में न डाले।
सख्त कानूनी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले और नियमों की अनदेखी करने वाले लोगों के खिलाफ सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नए नियमों के तहत लोनावला आने वाले पर्यटकों के लिए प्रमुख झरनों, नालों, नदियों और बांध के पानी में उतरने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों और लापरवाही से वाहन चलाकर दूसरों की जान खतरे में डालने वालों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। साथ ही बांधों और नदी किनारे के संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
