-पहले गड्ढे, अब भूस्खलन
-६,७०० करोड़ रुपए की परियोजना पर उठे बड़े सवाल
जेदवी / मुंबई
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बहुप्रचारित और करीब ६,७०० करोड़ रुपए की लागत से बने ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट की पहली ही बारिश में पोल खुलती नजर आ रही है। महज दो महीने पहले, १ मई को जनता के लिए शुरू किए गए इस हाई-टेक मार्ग पर पहले केबल-स्टेड ब्रिज पर गड्ढे मिलने की खबर सामने आई थी। अब टनल-२ के खंडाला एग्जिट के पास भारी भूस्खलन ने निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारी बारिश के कारण एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-पुणे हाईवे पर सुबह लंबा जाम लग गया। खंडाला और लोनावला के आस-पास सैकड़ों वाहन घंटों फंसे रहे। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया, जिससे टनल के पास पानी, कीचड़ और मलबा भर गया। कंक्रीट का हिस्सा भी प्रभावित हुआ तथा कनेक्टिंग लिंक के पास कंक्रीट का पिलर गिरने की सूचना सामने आई। सुरक्षा के मद्देनजर सुबह करीब चार बजे से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह रोककर वाहनों को डायवर्ट करना पड़ा। बाद में मलबा हटाकर और जलभराव साफ कर मार्ग दोबारा शुरू किया गया। इस घटना ने सरकार के उन दावों पर सवालिया निशान लगा दिया है, जिनमें इस परियोजना को आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना बताया गया था।
दो ही तो गड्ढे हैं
दो दिन पहले इसी परियोजना के केबल-स्टेड ब्रिज पर गड्ढे दिखाई देने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे मामूली बताते हुए कहा था कि ‘दो ही तो गड्ढे हैं, जिन्हें तुरंत भर दिया गया।’ उस बयान पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अब पहले ही मानसून में भूस्खलन की घटना सामने आने के बाद जनता पूछ रही है कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई परियोजना की मजबूती का दावा आखिर कहां गया?
