फिरोज खान / मुंबई
जिस मानसून का मुंबईकर बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, उसके आने के साथ ही मुंबई में खौफनाक मंजर दिखने लगे। भारी बारिश के कारण कई जगहों पर हादसे हुए, जनमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। जानकारों का मानना है कि ये बारिश का कहर नहीं, बल्कि मनपा सिस्टम की लापरवाही का नतीजा है। रविवार रात हुई एक और घटना ने मनपा की लापरवाही की सारी पोल खोल दी। देर रात, मानखुर्द के जनता नगर में एक चार मंजिला इमारत गिर गई, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। उनमें पांच बच्चे थे। पांच बच्चों की मौत से पूरा इलाका दहल उठा।
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मानखुर्द में मरने वालों में एक मां, उसके बच्चे और पड़ोस की एक झोपड़ी के बच्चे शामिल हैं, जो उनके घर पर रहने आए थे।
सुबह ३.२० बजे खत्म हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी रात ८.३० बजे मिली। फायर डिपार्टमेंट ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और एनडीआरएफ की एक टीम भी इसमें शामिल हुई। एनडीआरएफ ने सुबह करीब ३.२० बजे अपना ऑपरेशन खत्म किया और अधिकारियों ने कहा कि मलबे में कोई और फंसा हुआ नहीं मिला।
राहगीर घायल
इमारत गिरने पर मलबे में फंसा एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी पहचान रेहान अली (२४) के रूप में हुई है। अस्पताल के हेल्थकेयर स्टाफ ने कहा कि उसकी हालत अब नॉर्मल है।
गिरते पेड़ ले रहे हैं मुंबईकरों की जान!
मुंबई में मानसून की बारिश में शहर में सैकड़ों पेड़ रोज गिर रहे हैं। इन गिरनेवाले पेड़ों ने अब तक कई जानें ली हैं। मानखुर्द में हुई मौतों के साथ, इस मॉनसून में शहर में एक हफ्ते से भी कम समय में मरने वालों की संख्या १० हो गई है।
इससे पहले रविवार को, कुर्ला में एक ६३ साल के आदमी की पेड़ की टहनी गिरने से मौत हो गई थी। शनिवार रात आरे में एक १८ साल के लड़के की पेड़ की टहनी गिरने से मौत हो गई थी। इस हफ्ते की शुरुआत में, ३० जून को चेंबूर में एक स्कूल बस के पेड़ से कुचल जाने से ११ साल के लड़के की मौत हो गई थी और २ जुलाई को साकीनाका में एक खुले मैनहोल में गिरने से ५५ साल के आदमी की मौत हो गई थी।
तेज हवा में होर्डिंग गिरा
सोमवार सुबह ठाणे में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिससे पोखरण रोड नंबर २ पर गांधीनगर-सुभाषनगर इलाके में एक बड़ा होर्डिंग गिर गया। इस घटना से ट्रैफिक जाम हो गया और तुरंत इमरजेंसी मदद लेनी पड़ी, लेकिन किसी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है।
