राजेश सरकार / प्रयागराज
यमुनानगर के बारा थाना क्षेत्र से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां न्याय की गुहार लगाने आई एक पीड़ित महिला से गन्ने चौकी में तैनात एक दीवान पर भैंस बरामद कराने के एवज में 4,000 रुपये की रिश्वत लेने का संगीन आरोप लगा है। इस घूसखोरी का एक कथित वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, वीडियो की सत्यता की पुष्टि हम नहीं कर सकते। पीड़िता सिया देवी के मुताबिक, पिछले महीने उनकी पांच भैंसें चोरी हो गई थीं। काफी तलाश के बाद शनिवार को उन्हें जानकारी मिली कि उनकी भैंसें बारा क्षेत्र के तेलघना गांव में रवि पटेल नामक व्यक्ति के यहां बंधी हैं। पीड़िता जब इस उम्मीद के साथ पुलिस के पास पहुंची कि उसे न्याय मिलेगा, तो आरोप है कि चौकी के दीवान ने मदद के बदले 4,000 रुपये ऐंठ लिए। हैरानी की बात यह है कि पैसे ऐंठने के बाद भी पीड़िता को पिछले दो दिनों से लगातार चौकी बुलाकर मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, लेकिन उसकी भैंसें वापस नहीं दिलाई गईं। इसी बीच लेन-देन का कथित वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया, जिसमें दीवान द्वारा रुपये लेने की बात स्वीकार करने का दावा किया जा रहा है।
जांच के घेरे में खाकी
इस पूरे शर्मनाक घटनाक्रम पर फिलहाल बारा थाना या उच्च पुलिस अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। कानून के रखवाले द्वारा एक गरीब बेबस महिला से सरेआम घूस लेने की इस घटना से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कर दोषी दीवान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
वायरल वीडियो पर जांच
इसबीच पता चला है कि सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से प्रसारित होने के बाद प्रयागराज पुलिस के उच्चाधिकारियों (कमिश्नरेट पुलिस) ने मामले का संज्ञान लिया है। फिलहाल, वीडियो की सत्यता और लेनदेन के दावों की विभागीय स्तर पर जांच कराई जा रही है।
