मुख्यपृष्ठसमाचारबच्ची से यौन हिंसा मामले में मामी को 20 साल की सजा

बच्ची से यौन हिंसा मामले में मामी को 20 साल की सजा

-पॉक्सो अदालत ने लगाया एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना…पति साक्ष्य के अभाव में बरी

राजेश सरकार / प्रयागराज

दस वर्षीय बच्ची से मारपीट और यौन हिंसा के मामले में पॉक्सो अदालत ने आरोपी मामी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर एक लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भी लगाया है। अपर सत्र न्यायाधीश एवं अपर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) पंकज श्रीवास्तव ने यह फैसला सुनाया। वहीं मामले में सह-आरोपी पति को आरोप सिद्ध न होने पर संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता को आरोपी दंपति ने गोद लिया था और वह उन्हें मामा-मामी कहकर बुलाती थी। बच्ची से घर का काम कराया जाता था तथा काम में कमी होने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उसके साथ लंबे समय से शारीरिक प्रताड़ना की जा रही थी।
18 मार्च 2023 को बच्ची को गंभीर हालत में कैंटोनमेंट जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल पहुंचाने के बाद आरोपी महिला वहां से चली गई थी। मेडिकल परीक्षण में बच्ची के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान मिले। उसके हाथ में गंभीर चोट, बाएं हाथ में फ्रैक्चर तथा निजी अंगों पर चोट की पुष्टि हुई। सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और पीड़िता का बयान दर्ज किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता के बयान, चिकित्सकीय साक्ष्यों, पुलिस जांच और गवाहों के बयानों का परीक्षण किया। बचाव पक्ष ने घटना को दुर्घटना बताने का प्रयास किया, लेकिन अदालत ने बचाव पक्ष के गवाहों के बयानों में विरोधाभास पाया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी महिला को मारपीट और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं में दोषी ठहराया। मामले में आरोपी महिला के पति, जो पेशे से शिक्षक हैं, के विरुद्ध आरोप संदेह से परे सिद्ध नहीं हो सके। इस आधार पर अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया।
अदालत ने यह भी आदेश दिया कि आरोपी पर लगाए गए जुर्माने की राशि का उपयोग पीड़िता के उपचार, मानसिक आघात से उबरने और उसके पुनर्वास के लिए नियमानुसार किया जाएगा।

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