मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिदहिसर में गूंजेगा ‘जय हरि विठ्ठल’

दहिसर में गूंजेगा ‘जय हरि विठ्ठल’

रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई

आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर दहिसर पूर्व स्थित सुधींद्र नगर के श्री काशी मठ विठ्ठल-रखूमाई मंदिर में ‘जय हरि विठ्ठल’ के जयघोष से भक्तिमय वातावरण बनेगा।
विठ्ठल-रखूमाई मंदिर, काशी मठ, दहिसर के मानद अध्यक्ष मोहनदास माल्या ने बताया कि महाराष्ट्र में मनाए जाने वाले प्रमुख उत्सवों में आषाढ़ी एकादशी का विशेष महत्व है। इसे देवशयनी एकादशी अथवा प्रथम एकादशी के रूप में भी मनाया जाता है। इस दिन विठ्ठल भक्त व्रत रखते हैं तथा भगवान के दर्शन के बाद प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत पूर्ण करते हैं।
उन्होंने बताया कि वारकरी संप्रदाय में भजन-कीर्तन का विशेष महत्व है। वारकरी भक्त ढोल, मृदंग और मंजीरों की ताल पर ‘विठ्ठल-विठ्ठल, जय हरि विठ्ठल’ का कीर्तन करते हुए विठ्ठल मंदिर पहुंचते हैं। आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए पंढरपुर स्थित विठ्ठल मंदिर पहुंचते हैं। जो श्रद्धालु किसी कारणवश पंढरपुर नहीं जा पाते, वे दहिसर पूर्व के सुधींद्र नगर स्थित विठ्ठल-रखूमाई मंदिर में भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
शनिवार, 25 जुलाई को आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर मंदिर में त्रिकाल पूजा का आयोजन किया जाएगा। दर्शनार्थियों के लिए मंदिर प्रातः 6 बजे से रात्रि 12 बजे तक खुला रहेगा। महाराष्ट्र सहित मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विठ्ठल भक्त मृदंग, ढोल और मंजीरों की ताल पर ‘जय हरि विठ्ठल’ का जयघोष करते हुए मंदिर पहुंचेंगे।

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