– सीमा बोलीं, काम और पुरस्कार बचाने के लिए घरों में दुबके हैं लोग
– रत्ना ने छात्रों से मांगी अपनी पीढ़ी की ओर से माफी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे सीजेपी छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर बॉलीवुड की चुप्पी पर अभिनेत्री सीमा पाहवा और रत्ना पाठक शाह का गुस्सा फूट प़ड़ा। दोनों अभिनेत्रियों ने भावुक वीडियो जारी करते हुए छात्रों के समर्थन का एलान किया और फिल्म उद्योग के बड़े चेहरों से खुलकर सामने आने की अपील की।
सीमा पाहवा वीडियो में प्रदर्शनकारी छात्रों की पिटाई और खून से लथपथ तस्वीरों का जिक्र करते हुए रो पड़ीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या कलाकारों को सरकार की नाराजगी, काम और पुरस्कार छिनने का इतना डर है कि उनकी संवेदनाएं ही खत्म हो गई हैं। सीमा ने बॉलीवुड की चुप्पी को शर्मनाक बताते हुए कहा कि लोग अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए ‘चूहों की तरह घरों में छिपे’ हुए हैं। उन्होंने कलाकारों से बाहर निकलकर छात्रों के पक्ष में आवाज उठाने की अपील की और आंदोलन में शामिल शबाना आजमी की सराहना की।
`विश्वगुरु’ अपने ही छात्रों से संवाद नहीं कर पा रहे’
दाहरण देते हुए सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश विश्वगुरु बनने की बात करता है, लेकिन अपने ही छात्रों से संवाद नहीं कर पा रहा। कुछ लोगों की राजनीतिक सत्ता बचाने के लिए युवाओं के भविष्य की बलि नहीं दी जा सकती। उन्होंने अपनी पीढ़ी की ओर से छात्रों से माफी मांगते हुए कहा कि गलत होते देखने के बावजूद वे उसे सही समय पर रोक नहीं सके, लेकिन अब छात्रों के साथ खड़े हैं। राजकुमार राव, जॉनी लीवर और सौम्या टंडन ने भी छात्रों की आवाज सुनने, बल प्रयोग से बचने और सरकार से संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है।
