-जनसैलाब से घबराई सरकार
-आंदोलन के बाद आयोजकों पर एफआईआर
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवाजी पार्क में रविवार को हुए प्रोटेस्ट के बाद सरकार बौखला गई है। आंदोलन में बड़ी संख्या में जनता का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रदर्शन सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद खिजलाई महायुति सरकार ने आंदोलनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का मन बना लिया है।
शिवाजी पार्क पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रोटेस्ट ऑर्गनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें कहा गया है कि इस इवेंट के लिए कोई ऑफिशियल परमिशन नहीं दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क में बड़ी संख्या में लोगों के आने से इलाके में भीड़ हो गई थी। प्रोग्राम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी पुलिस तैनात की गई थी। पुलिस ने कहा कि जांच में पता चला कि ऑर्गनाइजर ने इवेंट करने के लिए जरूरी परमिशन नहीं ली थी।
पुलिस ने आगे कहा कि कॉर्पोरेटर यशवंत किलेदार और विधायक महेश सावंत के खिलाफ संबंधित कानूनी नियमों के तहत केस दर्ज किया गया है। जांच इवेंट के ऑर्गनाइजेशन, क्राउड मैनेजमेंट और पुलिस की पहले से मंज़ूरी लिए बिना प्रोग्राम करने के पैâसले पर फोकस कर रही है। फिलहाल दोनों ने कहा कि उन्हें एफआईआर के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। अधिकारियों ने कहा कि सीसीटीवी फ़ुटेज, वीडियो और दूसरे सबूतों की जांच की जा रही है और ऑर्गनाइजर तथा अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया है कि सरकार बदले की भावना को लेकर कार्रवाई करने पर तुली है।
‘बदले की कार्रवाई’ का आरोप
आंदोलनकारियों का आरोप है कि ऐतिहासिक जनसमर्थन से घबराई सरकार अब विरोध की आवाज दबाने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा ले रही है। उनका कहना है कि यह लोकतांत्रिक आंदोलन को निशाना बनाने की कोशिश है, जबकि पुलिस का कहना है कि कार्रवाई कानून और अनुमति प्रक्रिया के उल्लंघन के आधार पर की गई है।
