-हर घर में छिपा बीमारी का खतरा
-हर दूसरा व्यक्ति शुगर के मुहाने पर…कोकिलाबेन अस्पताल की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
सामना संवाददाता / नई मुंबई
नई मुंबई की चमक-दमक और आधुनिक जीवनशैली के पीछे सेहत का एक चिंताजनक सच सामने आया है। शहर के हजारों लोगों पर किए गए स्वास्थ्य परीक्षण में ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्होंने डॉक्टरों के साथ-साथ आम नागरिकों की भी चिंता बढ़ा दी है। कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की वार्षिक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार, शहर में रहने वाले अधिकांश लोग बाहर से स्वस्थ दिखते हैं, लेकिन उनके शरीर के भीतर कई गंभीर बीमारियां चुपचाप पैर पसार रही हैं।
अस्पताल द्वारा अप्रैल २०२५ से मार्च २०२६ के बीच किए गए ३२ हजार से अधिक हेल्थ चेकअप के विश्लेषण में सामने आया कि ७५ प्रतिशत से ज्यादा लोगों में विटामिन ़डी की भारी कमी है। इतना ही नहीं, ५४ प्रतिशत लोग प्री-डायबिटीज या मधुमेह की दहलीज पर पहुंच चुके हैं। रिपोर्ट में ४४ से ४५ वर्ष आयु वर्ग के नौकरीपेशा और कारोबारी लोगों में सबसे अधिक स्वास्थ्य जोखिम दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग २५ प्रतिशत लोगों में विटामिन बी१२ की कमी, ३२ प्रतिशत लोगों का एलडीएल (बैड कोलेस्ट्रॉल) सामान्य से अधिक, जबकि हर दूसरी महिला एनीमिया यानी खून की कमी से पीड़ित पाई गई। विशेषज्ञों का कहना है कि ये सभी समस्याएं लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाती रहती हैं और समय पर जांच न होने पर गंभीर बीमारियों का रूप ले सकती हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि केवल सामान्य दिनचर्या या बाहरी फिटनेस के आधार पर खुद को स्वस्थ मान लेना बड़ी भूल हो सकती है।
नई मुंबई में छिपा सेहत का खतरा
३२ हजार से अधिक हेल्थ चेकअप की रिपोर्ट ने चौंकाया। ७५ प्रतिशत लोगों में विटामिन D की कमी, ५४ प्रतिशत लोग प्री-डायबिटीज या मधुमेह के जोखिम में मिले। विशेषज्ञों ने चेताया कि फिट दिखना ही स्वस्थ होने की गारंटी नहीं। नियमित जांच, संतुलित खानपान और व्यायाम जरूरी है।
