-राहुल गांधी के धरने के बाद झुकी दिल्ली पुलिस
-पेलेट गन मामले में एफआईआर दर्ज
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर दिल्ली में सियासी पारा चढ़ गया है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए संसद मार्ग पुलिस थाने का रुख किया। राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि जब तक छात्रों के आंदोलन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक वह वहां से नहीं हटेंगे। हालांकि, राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस झुक गई। और आखिरकार अंदोलन के दौरान कथित पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी।
इससे पहले सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधा हमला बोला। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को एक पोस्ट टैग करते हुए उनपर तीखा हमला किया और कहा, `अमित शाह जी, न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं? ये डर दिखा रहा है कि आप अपना अपराध कबूल कर रहे हैं।’ राहुल गांधी इस दौरान कथित पैलेट गन हमले में घायल छात्र साहिल लोचब को भी अपने साथ लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा कि २० जुलाई को जंतर-मंतर पर पैलेट गन चली। साहिल के शरीर में २०० से ज्यादा छर्रे लगे। उनकी आंख में ३ छर्रे हैं। साहिल की आंख की रोशनी खतरे में है। १३ अगस्त से हम चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन शिकायत नहीं दर्ज हो रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि उन्होंने पैलेट गन नहीं चलाई। तो, बस एक ही सवाल है कि किसी ने तो ऐसा किया ही होगा, अपराध तो हुआ ही है, हम मांग कर रहे हैं कि एफआईआर दर्ज की जाए। इस देश में, अमित शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस के लोग न्याय नहीं होने देंगे।’ इस दौरान प्रियंका गांधी और जयराम रमेश भी मौजूद रहे।
‘साहिल को न्याय दिलाकर रहूंगा’
राहुल गांधी ने शुक्रवार को साहिल के साथ एफआईआर दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि २० जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ ऐसी बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, एक गंभीर अपराध है। इस क्रूरता के लिए न गृह मंत्री अमित शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी, न प्रधानमंत्री ने उनसे माफी मांगी।
