मुख्यपृष्ठनए समाचारस्कूल सुधारने वालों पर डंडे...अब मंत्री को ४८ घंटे का अल्टीमेटम!

स्कूल सुधारने वालों पर डंडे…अब मंत्री को ४८ घंटे का अल्टीमेटम!

– बगरू हिंसा पर भड़की सीजेपी, हमलावरों को गिरफ्तार करो
-मदन दिलावर इस्तीफा दें; वरना राजस्थानभर में आंदोलन

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

जयपुर के बगरू में सरकारी स्कूल की बदहाली देखने पहुंची सीजेपी टीम पर हुए हमले ने अब राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था को सीधे राजनीतिक कटघरे में खड़ा कर दिया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को ४८ घंटे का अल्टीमेटम देते हुए हमलावरों की गिरफ्तारी और मंत्री के इस्तीफे की मांग की है। मांगें पूरी न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सीजेपी की टीम ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत सरकारी स्कूल की स्थिति देखने पहुंची थी। सह-संयोजक आशुतोष रांका का आरोप है कि उनकी टीम पर लाठी-पत्थरों से हमला किया गया, कपड़े फाड़े गए, मोबाइल और वाहनों में तोड़-फोड़ की गई तथा एक कार्यकर्ता का हाथ तक टूट गया। सीजेपी ने हमलावरों को भाजपा से जुड़ा बताया है। यह आरोप अभी राजनीतिक दावे के रूप में ही सामने आया है।
बदहाली दिखाने पर रोक क्यों?
एक तरफ सरकार कह रही है, बिना अनुमति स्कूल में मत आइए। दूसरी तरफ सीजेपी कह रही है स्कूल जनता के पैसे से चलते हैं, जनता उनका हाल क्यों न देखे? राजस्थान में फिलहाल सबसे कड़वा सवाल यही है, स्कूल की टूटी छत छिपाना जरूरी है या बच्चों का भविष्य बचाना?
स्कूलों की हालत पूछना गुनाह है क्या?
कांग्रेस नेता सचिन पायलट समेत विपक्षी नेताओं ने भी घटना को लेकर सरकार को घेरा है। सीजेपी का तर्क साफ है, अगर सरकारी स्कूल शानदार हैं तो वैâमरे और निरीक्षण से डर किस बात का? और यदि स्कूल बदहाल हैं तो सवाल पूछने वालों के रास्ते में लाठियां क्यों? शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी सीजेपी के अभियान और उसके तरीके पर सवाल उठाए हैं, लेकिन हिंसा के बाद मामला केवल प्रवेश-नियमों की बहस तक सीमित नहीं रहा।
अब सवाल स्कूल की दीवारों से कहीं बड़ा हो गया है
जिस सरकार को जर्जर स्कूल ठीक कराने चाहिए थे, उसके राज में स्कूल देखने वालों को ही सुरक्षा की जरूरत पड़ रही है। और इससे ठीक पहले राजस्थान शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में मीडिया और बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को अनुमति से बांधने वाला आदेश जारी कर चुका है। विपक्ष इसे स्कूलों की बदहाली छिपाने की कोशिश बता रहा है।

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