मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता कहे जाने वाले शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। 24 नवंबर, 2024 को हुई संभल हिंसा की जांच में पुलिस की कार्रवाई अब देश की सीमा से बाहर पहुंच गई है। दुबई में बैठकर पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहे साठा को अदालत पहले ही भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उसकी संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार, फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश पहुंचे साठा के खिलाफ हिंसा से पहले करीब 55 से 60 मुकदमे दर्ज थे। अब पुलिस की नजर सिर्फ उसकी गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया पर भी है। भाजपा की डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले उसे भारत की जेलों में डालना चाहती है। जानकार बताते हैं कि संभल हिंसा की हर राजनैतिक बढ़त लेने में भाजपा कोई गलती नहीं करना चाहती है। इस लिये कुछ करने से पहले उसे प्रचारित ज्यादा जोर-शोर से करती है।
बता दें कि संभल पुलिस ने साठा के खिलाफ कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए उसका पूरा आपराधिक डोजियर तैयार किया। यह डोजियर सीबीआई को सौंपा गया, जिसके जरिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया शुरू हुई। सीबीआई और इंटरपोल के बीच कम्युनिकेशन के बाद अब नोटिस जारी हो गया है। इसके साथ ही साठा की तलाश स्थानीय पुलिस की सीमा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है। विदाई से पहले स्थांतरित हो चुके पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि साठा को न्यायालय की ओर से धारा 82-83 की कार्रवाई के तहत भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है। पुलिस अब उसके विदेश में मौजूद ठिकाने और उससे जुड़े नेटवर्क पर नजर रख रही है।
