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बातचीत जारी, रास्ता लगभग बंद तेल के इशारे पर रुपया!

-होर्मुज की उम्मीद से `९५.५७ पर खुला रुपया; विदेशी निवेशकों ने इस साल निकाले २५.८७ अरब डॉलर

ईरान-अमेरिका के बीच समझौते की उम्मीद ने कच्चे तेल और भारतीय रुपये को थोड़ी राहत दी है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य की जमीनी स्थिति अब भी गंभीर है। बुधवार को रुपया पिछले बंद भाव `९५.५९ के मुकाबले दो पैसे मजबूत होकर `९५.५७ प्रति डॉलर पर खुला। ब्रेंट क्रूड भी दो सप्ताह के निचले स्तर के करीब ९९.२२ डॉलर प्रति बैरल तक फिसला।
इसके बावजूद रुपए पर दबाव खत्म नहीं हुआ है। विदेशी निवेशक सितंबर में भारतीय शेयरों से १.८१ अरब डॉलर निकाल चुके हैं। वर्ष २०२६ में कुल निकासी २५.८७ अरब डॉलर हो गई है। महंगा ऊर्जा आयात और लगातार विदेशी बिकवाली रुपये की मजबूती रोक रहे हैं।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से समझौते की उम्मीद जताई है, लेकिन कोई करार नहीं हुआ। शिपिंग आंकड़ों के अनुसार, १६ सितंबर को होर्मुज से केवल तीन मालवाहक जहाज गुजरे थे; अगले दिन भी संख्या केवल चार रही। ट्रांसपोंडर बंद रखने वाले जहाज इसमें शामिल नहीं हो सकते। यानी कूटनीति आगे बढ़ी है, पर दुनिया का करीब पांचवां तेल-गैस ढोने वाला रास्ता अभी सामान्य होने से बहुत दूर है।
क्या सात दिन में खुलेगा होर्मुज?
होर्मुज संकट के बीच अमेरिका और ईरान ने पहली बार बातचीत की दिशा में सशर्त खुलापन दिखाया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिका ईरानी प्रतिनिधियों से चर्चा के लिए तैयार है, यदि उससे सकारात्मक और रचनात्मक परिणाम निकलने की संभावना हो। हालांकि, दोनों देशों के बीच फिलहाल कोई औपचारिक बैठक निर्धारित नहीं है। अमेरिकी प्रतिक्रिया ईरान के उस प्रस्ताव के बाद आई है, जिसमें सैन्य दबाव घटाने और ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी हटाने पर सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की पेशकश की गई है। बताया गया है कि यह प्रस्ताव मध्यस्थों के माध्यम से १६ सितंबर को वॉशिंगटन भेजा गया था। तेल बाजार ने कूटनीतिक हलचल पर राहत दिखाई है, लेकिन समुद्री आवाजाही और कारोबारी भरोसा अब भी कमजोर है। इसे समझौता, युद्धविराम या होर्मुज खोलने का फैसला कहना जल्दबाजी होगी। फिलहाल दोनों पक्ष बातचीत का दरवाजा खोल रहे है, रास्ता अभी बाकी है।

सैन्य दबाव और बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने की तेहरान ने रखी शर्त; बैठक अभी तय नहीं

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