सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य में आपदा से हुई बर्बादी की गंभीर स्थिति के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बुधवार को लातूर, धाराशिव और सोलापुर जिले के दौरे पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर खेतों और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया। लेकिन धाराशिव में उनके दौरे के दौरान जनता का आक्रोश खुलकर सामने आया और विरोध के नारों से पूरा माहौल गरमा गया। इस दौरान शिवसेना के कार्यकर्ता ज्यादा आक्रामक दिखाई दिए। शिवसेना के विधायक वैâलाश पाटील और प्रवीण स्वामी ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इससे मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ही राजनीतिक माहौल गरमा गया।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान लोगों ने तत्काल सूखा घोषित करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध करने वालों का कहना था कि बारिश की कमी और फसलों के नुकसान ने उनकी आर्थिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया है। ऐसे में सरकार को केवल निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए तत्काल राहत की घोषणा करनी चाहिए। मामला तब और भड़क गया, जब लोगों को सीएम के सामने नहीं जाने दिया गया। उनको रस्सी से रोकने को लेकर मामला गरमा गया। शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा और दौरे की व्यवस्था के नाम पर किसानों को रस्सी लगाकर पीछे रखा गया, ताकि वे मुख्यमंत्री तक अपनी बात नहीं पहुंचा सकें। इस आरोप के बाद कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया।
