सामना संवाददाता / नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नया बयान सामने आया है। राहुल ने कहा, ‘जब लहरें तेज होती हैं, मुझे तभी समुद्र में तैरना पसंद है।’ उनके इस बयान को मौजूदा राजनीतिक टकराव के बीच चुनौती स्वीकार करने के संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राहुल गांधी पिछले कुछ दिनों से चुनाव आयोग, एसआईआर प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी कारण भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। ऐसे माहौल में राहुल का ‘तेज लहरों’ वाला बयान राजनीतिक रूपक के तौर पर चर्चा में है। समर्थक इसे दबाव के बीच पीछे न हटने के संदेश के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि भाजपा उनकी चुनाव आयोग पर की जा रही आलोचनाओं को लगातार खारिज कर रही है। चुनावी संस्थाओं को लेकर विवाद फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है।
कांग्रेस द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्ताफे की मांग के बाद उत्तर प्रदेश के उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने रायबरेली में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ‘सद्बुद्धि यज्ञ’ किया। शहीद चौक पर आयोजित यज्ञ में उन्होंने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सोनिया गांधी के नाम से आहुति देते हुए कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास पैâलाने का आरोप लगाया। दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि चुनाव आयोग समेत संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान सभी दलों का दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस हर चुनावी हार के बाद इन संस्थाओं पर सवाल उठाकर अपनी पराजय का ठीकरा उन पर फोड़ने की कोशिश करती है।
