-भाजपा को सवर्ण समाज की चेतावनी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े कुछ हालिया दिशा-निर्देशों और नीतियों को लेकर सवर्ण समाज का आक्रोश अब खुलकर सड़कों और सोशल मीडिया पर सामने आने लगा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर वायरल हो रहे एक वीडियो में जाने-माने वक्ता व विश्लेषक गिरीश डालाकोटी ने भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री कार्यालय को तीखे शब्दों में खुली चेतावनी दी है। वीडियो में उन्होंने सवर्ण समाज की भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा है, `तुम हमारा वंश मिटाना चाहते हो, हम अंश मिटा देंगे।’
इस आक्रामक बयान के केंद्र में यूजीसी की वे नीतियां और बदलाव हैं, जिन्हें लेकर सामान्य वर्ग (सवर्ण समाज) में यह आशंका और नाराजगी है कि इससे उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में उनके पारंपरिक अवसरों को नुकसान पहुंच रहा है।
वक्ता का आरोप है कि सरकार की नीतियां कथित तौर पर सवर्ण वर्ग के अधिकारों और हितों की अनदेखी कर रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। गिरीश डालाकोटी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का मानना है कि यदि सवर्ण समाज का यह रोष इस प्रकार बढ़ता है, तो यह सत्तारूढ़ दल के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित हो सकता है। पारंपरिक रूप से भाजपा के मजबूत मतदाता बेस माने जाने वाले सवर्ण वर्ग की ओर से ऐसी सीधी चेतावनी सत्ता पक्ष के चुनावी गणित को प्रभावित कर सकती है।
सोशल मीडिया पर इस वीडियो के वायरल होने के बाद बहस दो धड़ों में बंट गई है। एक ओर जहां सवर्ण अधिकारों की पैरवी करने वाले लोग इसे अपनी जायज आवाज और अस्तित्व की लड़ाई बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक न्याय के पैरोकार इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ और दबाव की राजनीति करार दे रहे हैं। बहरहाल, यूजीसी के इन कथित विवादित प्रावधानों पर उपजा यह ताजा विवाद देश के सामाजिक और राजनीतिक पटल पर एक नई हलचल पैदा कर रहा है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
