-महंगाई और आर्थिक संकट से जूझते परिवारों की उम्मीदों पर संकट
-फडणवीस सरकार की चुप्पी से जरूरतमंद परिवारों की बढ़ी चिंता
सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र में दिवाली की तैयारियों के बीच गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, क्या इस बार उन्हें ‘आनंद का शिधा’ मिलेगा या नहीं? त्योहारों पर सस्ते दरों में किराना उपलब्ध कराने वाली इस योजना को लेकर अब तक स्पष्टता नहीं होने से लाभार्थियों की चिंता बढ़ गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार के सामने सवाल है कि जब महंगाई से आम आदमी का बजट बिगड़ा हुआ है, तब गरीब परिवारों को त्योहार के समय मिलने वाली राहत पर अनिश्चितता क्यों बनी हुई है?
राज्य सरकार ने गरीब परिवारों को त्योहारों के दौरान राहत देने के उद्देश्य से ‘आनंद का शिधा’ योजना शुरू की थी। इसके तहत राशन दुकानों के माध्यम से एक किलो रवा, चना दाल, चीनी और खाद्य तेल जैसी चार वस्तुएं मात्र १०० रुपए में उपलब्ध कराई जाती थीं। इससे गरीब परिवारों को त्योहार के दौरान घरेलू खर्च कम करने में मदद मिलती थी। लेकिन इस बार वितरण को लेकर कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने से योजना के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
