मुख्यपृष्ठनए समाचारकचरा डंप करने के नाम पर महाघोटाला!

कचरा डंप करने के नाम पर महाघोटाला!

-नाले में कचरा फेंकने पर ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर, मनपा के कई अधिकारी भी जांच के घेरे में
फिरोज खान / मुंबई
मुंबई को साफ रखने के नाम पर हर साल करोड़ों रुपए खर्च किए जाते हैं। सफाई और कचरा प्रबंधन का ठेका निजी एजेंसियों को दिया जाता है, लेकिन जमीन पर तस्वीर क्या है? कचरा निर्धारित केंद्र तक पहुंचाने के बजाय सीधे नाले में फेंका जा रहा है। अंधेरी के लोखंडवाला इलाके में मनपा के ड्राई-वेस्ट कलेक्शन वाहन से मोगरा नाले में कचरा फेंके जाने का वीडियो सामने आने के बाद ओशिवारा पुलिस ने कचरा प्रबंधन संस्था के अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले की जांच की जद में मनपा के कुछ अधिकारियों भी आने की बात सामने आ रही है।
सफाई का ठेका या कचरा ठिकाने लगाने का खेल?
जिस वाहन को कचरा निर्धारित ड्राई-वेस्ट सेंटर तक पहुंचाना था, उसके कर्मचारियों पर नाले में कचरे की बोरियां फेंकने का आरोप है। सामने आए वीडियो में कर्मचारी कथित तौर पर कचरा नाले में डालते दिखाई दे रहे हैं। यानी जिस काम की जिम्मेदारी ठेकेदार को दी गई थी, उसी व्यवस्था के तहत कचरा नाले में पहुंचाने का गंभीर मामला सामने आया है।
मनपा का जीपीएस सिस्टम भी जांच के घेरे में
सवाल सिर्फ कर्मचारी या ठेकेदार तक सीमित नहीं है। वाहन की निगरानी कौन कर रहा था? मनपा की कचरा गाड़ियों में जीपीएस और व्हीकल ट्रैकिंग मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाता है। आसान शब्दों में कहें तो यह व्यवस्था वाहनों की आवाजाही का डिजिटल रिकॉर्ड रखती है। इसके बावजूद वाहन नाले तक पहुंचा और संबंधित अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या नाले में कचरा फेंकने का सिलसिला एक-दो दिन का था या यह लंबे समय से चल रहा था?

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