-पालघर अस्पताल हमले की जांच में लापरवाही पर पुलिस को फटकार; कार्रवाई को बताया ‘आंखों में धूल झोंकना’
सामना संवाददाता / मुंबई
पालघर के अस्पताल में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के साथ कथित मारपीट के मामले की जांच में लापरवाही को लेकर मुंबई हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने सवाल किया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के स्पष्ट निर्देशों और परिपत्रों का पालन नहीं करने के मामले में क्या महज ‘सौम्य सजा’ देकर जिम्मेदारी पूरी की जा सकती है? न्यायमूर्ति अजय गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ ने मामले में पुलिस अधिकारी को जारी कारण बताओ नोटिस रद्द करते हुए डीजीपी से पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
मामला अस्पताल हमले की जांच के दौरान केस डायरी के उचित रखरखाव में कथित लापरवाही से जुड़ा है। पालघर के पुलिस अधीक्षक ने तत्कालीन जांच अधिकारी को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इसमें तीन वेतनवृद्धियां रोकने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने सवाल उठाया कि जब अदालत ने मामले से जुड़े दस्तावेज डीजीपी के समक्ष रखने का निर्देश दिया था, तो डीजीपी की जांच पूरी होने से पहले ही पुलिस अधीक्षक ने दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया कैसे शुरू कर दी?
पुलिस कार्रवाई पर अदालत की तीखी टिप्पणी
हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इसे महज ‘आंखों में धूल झोंकने’ जैसा बताया। अदालत ने यह भी कहा कि केस डायरी के रखरखाव को लेकर डीजीपी के स्पष्ट निर्देश और परिपत्र मौजूद हैं। ऐसे में उनका पालन नहीं किया जाना गंभीर विषय है। अदालत के रुख से साफ है कि मामला केवल केस डायरी के रखरखाव में कथित लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि जांच की निगरानी और पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही भी न्यायिक जांच के दायरे में है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि ६ सितंबर को पालघर के एक अस्पताल में गणेशोत्सव/दही-हांडी के दौरान घायल गोविंदाओं के इलाज को लेकर विवाद के बाद डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट तथा अस्पताल में तोड़फोड़ का मामला सामने आया था। इस मामले में शिंदे गुट से जुड़े नेताओं के नाम सामने आए थे।
मामले की जांच को लेकर हाईकोर्ट इससे पहले भी पालघर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है। अदालत ने कोंकण रेंज के विशेष पुलिस महानिरीक्षक को जांच की निगरानी करने का निर्देश दिया था।
