फिरोज खान / मुंबई
महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर किए जाने वाले दावों के बीच महाराष्ट्र में सामने आ रही यौन हिंसा की घटनाएं गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। रायगड़ जिले के म्हसला तालुका में १७ वर्षीय किशोरी के साथ पांच लोगों द्वारा डराने-धमकाने और बार-बार बलात्कार किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत के आधार पर म्हसला पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें दो आरोपी नाबालिग बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेने की जानकारी दी है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने आरोप लगाया है कि परिचित युवकों ने उसे डराया-धमकाया और बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया। अप्रैल से जून २०२६ के बीच ४० वर्षीय एक आरोपी पर घर में किसी के मौजूद नहीं होने का फायदा उठाकर जबरन प्रवेश करने और अत्याचार करने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की है।
मुंबई में जुलाई तक नाबालिग लड़कियों से बलात्कार के ४०० मामले
मुंबई की तस्वीर भी चिंता बढ़ाने वाली है। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, ३१ जुलाई २०२६ तक नाबालिग लड़कियों से बलात्कार के ४०० मामले दर्ज किए गए, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ३६४ मामले दर्ज हुए थे। यानी इस अवधि में ३६ मामलों की वृद्धि हुई है। इसी अवधि में मुंबई में बलात्कार के कुल ७४१ मामले दर्ज किए गए।
एक घटना के बाद दूसरी वारदात, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
म्हसला क्षेत्र में ही करीब एक महीने पहले, २३ अगस्त को अनुसूचित जाति की एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच ग्रामीण महाराष्ट्र में नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा, पुलिस की निवारक कार्रवाई और संवेदनशील मामलों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
