-‘कॉकरोच’ मांग रहे धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
-फीस बढ़ी तो जुर्माना भी बढ़ाया जाए
सामना संवाददाता / पुणे
दिल्ली में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इस सब के बीच महाराष्ट्र के सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे आरटीआई नियमों में बदलाव को लेकर नाखुश हैं। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर नियमों में बदलाव को वापस नहीं लिया गया तो वह आंदोलन करते हुए आमरण अनशन पर बैठेंगे। अन्ना हजारे ने पांच जुलाई की तारीख तय की है। रालेगण सिद्धि से अन्ना की हुंकार पर महाराष्ट्र में सियासी पारा चढ़ सकता है। धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोले अभिजीत दीपके भी मूलरूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर के रहने वाले हैं।
क्या है मांग?
अन्ना हजारे का कहना है कि नए नियमों से पारदर्शिता कमजोर होगी और आम नागरिकों के लिए जानकारी हासिल करना पहले से ज्यादा मुश्किल हो जाएगा। अन्ना हजारे ने खास तौर पर आरटीआई आवेदन फीस में बढ़ोतरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने फीस बढ़ाने के पीछे कोई ठोस तर्क या वित्तीय विश्लेषण पेश नहीं किया है। हजारे ने स्पष्ट किया कि आरटीआई कानून का उद्देश्य सरकार के लिए राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि जनता को सूचना का अधिकार देना है। अन्ना हजारे ने ‘एक विषय, एक आवेदन’ जैसे नए नियम को भी अनावश्यक बताया।
अन्ना हजारे ने कहा है कि यदि फीस बढ़ाई जाती है तो जानकारी देने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर लगनेवाला जुर्माना भी बढ़ाया जाना चाहिए। पहचान पत्र देना अनिवार्य किए जाने से भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठानेवाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ सकता है।
