मुख्यपृष्ठसमाचारसीडीओ हर्षिका के तीखे तेवर : पांच बीडीओ को 15 दिन का...

सीडीओ हर्षिका के तीखे तेवर : पांच बीडीओ को 15 दिन का दिया अल्टीमेटम

राजेश सरकार / प्रयागराज

जिले में फाइलों के भीतर दम तोड़ती विकास योजनाओं और सरकारी तंत्र की सुस्ती पर आखिरकार मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह का गुस्सा फूट पड़ा। विकास भवन के गंगा सभागार में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक महज प्रशासनिक औपचारिकता बनकर नहीं रही, बल्कि इसमें अधिकारियों की लापरवाही की कलई खुलकर सामने आ गई।
बैठक में जब लखपति महिला योजना, बैंक लिंकेज और स्वयं सहायता समूहों की जमीनी हकीकत का रिपोर्ट कार्ड सामने आया तो प्रगति के दावों की हवा निकल गई।
सुस्त ब्लॉक अधिकारियों को दो टूक: ‘सुधरें या कार्रवाई भुगतें’
जनपद के विकासखंडों की समीक्षा के दौरान सैदाबाद, मांडा, मऊआइमा, श्रृंगवेरपुर और उरुवा की प्रगति सबसे खराब पाई गई। सरकारी योजनाओं को कछुआ गति से चलाने वाले इन विकासखंडों की खराब प्रगति पर सीडीओ ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित खंड विकास अधिकारियों को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। साफ कहा गया कि अगली बैठक में अगर कागजी आंकड़ों के बजाय जमीन पर काम नहीं दिखा तो सीधे जिम्मेदारी तय कर निलंबन जैसी कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
एसी कमरों से निकलकर घर-घर जाने का फरमान
सीडीओ ने सरकारी अमले की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अब केवल दफ्तरों में बैठकर काम नहीं चलेगा। पात्र गृहस्थी सूची में शामिल हर छूटे हुए परिवार की महिला को अनिवार्य रूप से स्वयं सहायता समूह से जोड़ना होगा। इसके लिए ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सेवक, समूह सखी और बीएमएम को तत्काल अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर घर-घर जाकर सर्वे करना होगा।
लापरवाही का दौर खत्म
बैठक का निचोड़ साफ था कि ग्रामीण आजीविका और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने वाली इस महत्वपूर्ण योजना में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब देखना यह है कि सीडीओ की इस तीखी फटकार और 15 दिनों की समय-सीमा के बाद सुस्ती का शिकार बना प्रशासनिक अमला अपनी नींद से जागता है या फिर अगली कार्रवाई का इंतजार करता है।

अन्य समाचार