सामना संवाददाता / नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सवालों से डरते हैं, विपक्ष का यह आरोप अब सही साबित होता दिखाई दे रहा है। अमेरिका के भारत में विशेष राजदूत सर्जियो गोर ने एक साक्षात्कार में मोदी सरकार से जुड़ा एक बड़ा खुलासा किया है। गोर ने बताया कि ‘जी-७’ देशों के सम्मेलन के लिए प्रâांस में एक बैठक के दौरान मोदी सरकार ने अमेरिका से अनुरोध किया था कि पत्रकारों को सवाल पूछने की अनुमति न दी जाए। गोर ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इस दौरान उन्होंने ‘जी-७’ दौरे के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बैठक का एक किस्सा साझा किया। गोर ने बताया कि बैठक से पहले मंच के पीछे मेरी और ट्रंप की बातचीत हुई। उन्होंने पूछा कि क्या भारत की कोई विशेष मांग है। मैंने उन्हें बताया कि भारतीय विदेश मंत्रालय ने अनुरोध किया है कि मीडिया को बैठक स्थल पर बुलाया जाए, लेकिन पत्रकारों को सवाल पूछने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने इस पर सहमति जताई।
इसके बाद बैठक शुरू हुई और मीडिया प्रतिनिधियों को अंदर बुलाया गया। ट्रंप और मोदी के बीच कुछ मिनट बातचीत हुई। बातचीत समाप्त होते ही ट्रंप ने वैâमरों की ओर देखकर पूछा कि क्या कोई सवाल है। इसके बाद पत्रकारों ने सवालों की बौछार शुरू कर दी। गोर ने कहा कि इसके बाद जो हुआ, वह सभी जानते हैं।
मोदी सवालों से इतना क्यों डरते हैं?- कांग्रेस
सर्जियो गोर के इस कथित खुलासे के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने कहा कि ५६ इंची छाती वाले मोदी सवालों से इतना डरते हैं कि पत्रकारों को सवाल न पूछने देने के लिए विनती करते हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि इसी डर के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने आज तक एक भी स्वतंत्र पत्रकार सम्मेलन नहीं किया है। पार्टी ने दावा किया कि एक बार जब उन्हें अमेरिका के व्हाइट हाउस में पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ा था, तब वे घबरा गए थे और उनकी जुबान लड़खड़ाने लगी थी।
गोर ने भारतीय मीडिया का उड़ाया मजाक
सर्जियो गोर ने इस दौरान भारतीय समाचार चैनलों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जब मैं घर पर होता हूं और खाली समय मिलता है तो मुझे भारतीय समाचार चैनलों के कार्यक्रम देखना पसंद है। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता है, वह और भी विचित्र होता जाता है। उन्होंने कहा कि शाम छह बजे आठ लोग एक-दूसरे से बहस और झगड़ा कर रहे होते हैं, जबकि रात दस बजे बारह लोग एक साथ जोर-जोर से बोल रहे होते हैं। इनमें से किसी की बात ठीक से सुनाई नहीं देती। गोर ने व्यंग्य करते हुए कहा कि हैरानी की बात यह है कि इनमें से किसी को भी रोका नहीं जाता।
