-विपक्ष का सीधा हमला
-चुनाव आयोग की भूमिका पर प्रश्नचिह्न
सामना संवाददाता / मुंबई
ईवीएम को लेकर उठ रहे बवंडर के बीच विपक्ष ने भाजपा पर अब तक का सबसे बड़ा वार कर दिया है। इसमें साफ तौर पर आरोप लगाया गया है कि नगरपालिका चुनावों में यदि भाजपा को १७५ सीटें मिलती हैं, तो समझो खेल हुआ है। विपक्ष का कहना है कि भाजपा ने ‘ईवीएम हैकिंग’ के जरिए चुनावी मैदान को अपने पक्ष में मोड़ने की तैयारी कर ली है और नतीजों को २० दिन टालने का निर्णय इसी संदिग्ध रणनीति का हिस्सा है।
चुनाव आयोग की भूमिका पर भी अनेक प्रश्नचिह्न खड़े करते हुए विपक्ष ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, लाइव मॉनिटरिंग और पारदर्शिता को लेकर गंभीर शंकाएं व्यक्त की हैं। चुनाव आयोग द्वारा राज्य में नगराध्यक्ष पद और नगरपालिका के प्रभाग के चुनावों को टालने से एक नया हंगामा शुरू हो गया है। इस पर विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और राज्य सरकार की सांठ-गांठ का आरोप लगाया है। कांग्रेस के विधायक नाना पटोले ने चुनाव आयोग पर अविश्वास प्रस्ताव लाने का संकेत दिया है, वहीं विजय वडेट्टीवार ने भी ईवीएम पर सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईवीएम के संदर्भ में आपकी स्थिति स्पष्ट है, तो नतीजों के लिए २० दिनों का इंतजार क्यों? राज्य की २६८ में से १७५ सीटें भाजपा की किस आधार पर कहा जा रहा है? आपने कौन से बल्ब जलाए हैं, जिससे इतनी सीटें आएंगी? उन्होंने कहा कि लाडली बहन के नाम का इस्तेमाल कर चुनाव जीते। ईवीएम में गड़बड़ी करके चुनाव जीतने की कोशिश है। अगर भाजपा की १७५ सीटें आती हैं तो भाजपा ने बेईमानी और ईवीएम हैक करके चुनाव जीते हैं, यह साबित हो जाएगा।
वडेट्टीवार ने कहा कि चुनावी ईवीएम मशीनों के स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर कई जगह गड़बड़ी है। इसलिए वहां जैमर लगाएं। कमरे के बाहर बड़ी स्क्रीन लगाएं, उम्मीदवार को लाइव का एक्सेस दें। लेकिन यह करने के लिए चुनाव आयोग तैयार नहीं है। मतलब सरकार का १७५ सीटें मशीन के आधार पर जीतना यह टार्गेट है।
