-हिंदुस्थान में बैन पर क्यों उलझी है सरकार ?
हिंदुस्थान में 15 साल से कम बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन का मामला सुप्रीम कोर्ट में लटका है, जबकि ग्रीस ने शुक्रवार को बैन लगा भी दिया। दरअसल, 29 सितंबर 2026 को एनजीओ जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलियांज की याचिका पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सरकार को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा, “भारतीय कानून में 18 साल से कम का बच्चा कोई कॉन्ट्रैक्ट ही नहीं कर सकता, फिर Instagram, TikTok, X उसे अकाउंट कैसे दे देते हैं? ये अमेरिकी कंपनियां अमेरिकी नियम भारत में चला रही हैं, जो गलत है।”
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि सरकार आईटी रूल्स में बदलाव पर विचार करेगी। पर अगले ही दिन 30 सितंबर को आईटी मंत्रालय ने खबरों को “फेक” बता दिया।
भारत की असली प्रोग्रेस क्या है?
कागज पर कानून है, जमीन पर लागू नहीं। DPDP Act 2023 कहता है 18 साल से कम के लिए माता-पिता की इजाजत जरूरी है, पर कानून 2027 तक लागू होना है। DPDP Rules 2025 भी वही दोहराता है। नतीजा, कंपनियां आज भी बिना रोकटोक बच्चों को अकाउंट दे रही हैं।
और ग्रीस ने क्या किया?
ग्रीस की संसद ने वही किया जो भारत सोच रहा है। 23 अक्टूबर को बिल पास किया-1 जनवरी 2027 से 15 साल से कम के बच्चे सोशल मीडिया नहीं चला पाएंगे। प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस ने खुद TikTok पर कहा , “ये मुश्किल पर जरूरी कदम है और ये एंडलेस स्क्रोलिंग बच्चों की नींद और पढ़ाई खा रही है।” कंपनियों को उम्र वेरिफिकेशन बनाना होगा, नहीं तो भारी जुर्माना।
दुनिया में क्या हो रहा है?
ऑस्ट्रेलिया ने 2025 में दुनिया का पहला अंडर-16 बैन लगाया। फ्रांस ने कोशिश की पर कोर्ट ने खारिज कर दिया। यूरोपीय यूनियन के 7 देश मिलकर उम्र चेक सिस्टम बना रहे हैं। 20 से ज्यादा देश अब इसी राह पर हैं। भारत अगर नहीं चेता, तो 62 मिलियन बच्चों वाला सबसे बड़ा बाजार बिना सुरक्षा के रह जाएगा।
