सामना संवाददाता / जौनपुर
एक तरफ जहां खेतों में खाद की कमी से किसान उद्वेलित हैं, वहीं दूसरी तरफ साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी मांगों को लेकर मुखर हो उठे हैं। जौनपुर जिले के समस्त साधन सहकारी समिति के सचिव अपनी विभिन्न न्यायोचित मांगों और वितरण व्यवस्था के संकट को लेकर लखनऊ में चल रहे महा हड़ताल एवं धरना-प्रदर्शन में सम्मिलित होने पहुंच गए हैं। शुक्रवार को धरना प्रदर्शन का दूसरा दिन है। इस सामूहिक विरोध प्रदर्शन के कारण स्थानीय स्तर पर समितियों में ताले लटके हुए हैं, जिससे खाद वितरण की प्रक्रिया पूरी तरह बाधित हो गई है और कृषकों की व्याकुलता दोगुनी हो गई है। बदलापुर क्षेत्र के सहकारिता विभाग के अधिकारियों (एडीओ कोऑपरेटिव) नागेंद्र प्रताप का कहना है कि क्षेत्र की समितियों की मांग का भौतिक सत्यापन कर जनपद मुख्यालय को भेज दिया गया है। प्रशासनिक स्तर से आश्वासन दिया जा रहा है कि शीघ्र ही डीएपी खाद की पर्याप्त खेप समितियों तक पहुंचा दी जाएगी, जिससे किसानों को राहत मिल सके और बंद पड़ी समितियों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
जौनपुर साधन सहकारी समिति के कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के समर्थन में सैकड़ो सचिन लखनऊ के इको गार्डन में धरना प्रदर्शन में शामिल हैं। कार्यकारी अध्यक्ष सिंह का कहना है कि उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ अपनी मांगों के समर्थन में तकरीबन दर्जनों बार अधिकारियों तक न्याय की गुहार लगाई है, किंतु आज तक न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ लखनऊ द्वारा 22 अक्टूबर से अपने वेतन संबंधित मांगों के संबंध में लखनऊ के ईको गार्डन में धरना एवं पूर्णकालिक हड़ताल करनें हेतु अन्य संगठनों के साथ ही साथ अपनी सहमति व्यक्त की है। कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने समस्त सचिव, आंकिक, चौकीदार से अनुरोध किया है कि सभी लोग धरना प्रदर्शन में शामिल होकर सहयोग करें, ताकि कार्यक्रम सफल हो सके। धरना प्रदर्शन में कार्यकारी अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह पवन तिवारी, प्रशांत सिंह, दुर्गा प्रसाद दुबे, शिवप्रकाश दुबे, दिनेश सिंह, लालजी दुबे, राजेश कुमार सिंह, प्रदीप सिंह, राहुल सिंह, संतोष सिंह, संदीप सिंह, विनय सिंह, राजेंद्र प्रसाद यादव, महेश चंद्र गुप्ता आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
