मुख्यपृष्ठसमाचारखाद की किल्लत एवं कालाबाजारी से किसान परेशान- कांग्रेस

खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी से किसान परेशान- कांग्रेस

अनिल मिश्र / पटना

बिहार के गया जिले सहित पूरे प्रदेश में खाद की किल्लत एवं कालाबाजारी से किसान परेशान हैं। वहीं, गया जिले के प्रभारी मंत्री एवं सूबे के कृषि मंत्री किसानों की समस्याओं पर बात करने को ही विकास की संज्ञा देने में मशगूल हैं।
इस संबंध में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, युगल किशोर सिंह, राम प्रमोद सिंह, टिंकू गिरी, धर्मेंद्र कुमार निराला, अशोक यादव, सुनील कुमार पासवान, शिव कुमार चौरसिया आदि ने कहा कि धान की रोपनी के मौसम में किसानों को डीएपी तथा यूरिया खाद की नितांत आवश्यकता होती है। सरकारी स्तर पर डीएपी 1350 रुपये प्रति बोरा और यूरिया 260 रुपये प्रति बोरा की दर से उपलब्ध होना चाहिए, लेकिन किसान बाजार में डीएपी 2100 से 2400 रुपये तथा यूरिया 350 से 450 रुपये प्रति बोरा खरीदने को मजबूर हैं।
नेताओं ने कहा कि पैक्स में खाद की कमी या उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर खाद को स्थानीय बाजारों में भेजकर कालाबाजारी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। वहीं, पैक्स में खाद उपलब्ध होने पर भी डीएपी के साथ 300 से 600 रुपये कीमत की लिक्विड की बोतल जबरन थमा दिए जाने की शिकायत है। इसके अलावा, एक किसान को महज एक बोरा खाद दिया जाता है, जो उसकी आवश्यकता के लिहाज से काफी कम है।
नेताओं ने राज्य सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से खाद की किल्लत और कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगाने तथा गया जिले के किसानों को पर्याप्त मात्रा में सरकारी दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।

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