-सांगली में स्ट्रांग रूम के बाहर हंगामा
सामना संवाददाता / मुंबई
कई नगर पंचायत, नगर परिषद और नगरपालिका के चुनाव संपन्न होने के बाद ईवीएम की सुरक्षा पर लोगों की निगाहें हैं। चूंकि परिणाम बाद में घोषित होने हैं इसलिए मामला काफी संगीन हो गया है। सत्ता पक्ष पर धांधली के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच ईवीएम की सील टूटने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।
गोंदिया जिले की सालेकसा नगर पंचायत का मतदान पूरा होने के बाद सभी मशीनों को उम्मीदवारों और प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सील करके स्ट्रांग रूम में रखने के लिए तहसील कार्यालय ले जाया गया, लेकिन तहसील कार्यालय में १७ प्रभागों की ईवीएम मशीनों की सील तोड़कर उन्हें दोबारा ऑन किया गया। यह आरोप उम्मीदवारों ने लगाया है। निर्वाचन निर्णय अधिकारी मोनिका कांबले ने कहा कि स्विच ऑन-ऑफ है या नहीं, यह देखने के लिए हमने कंट्रोल यूनिट की जांच की। इसका वीडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है।
दूसरी तरफ सांगली जिले की आष्टा नगर परिषद के लिए हुए मतदान और प्रशासन द्वारा घोषित किए गए मतदान के आंकड़ों में बड़े पैमाने पर अंतर दिखाई दिया है। इसी कारण जहां ईवीएम रखे गए हैं, उस स्थान पर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। आष्टा नपा में २०४९ मतदान वैâसे बढ़ गए? यह सवाल आष्टा शहर विकास आघाड़ी ने उठाया है। ईवीएम की सुरक्षा को लेकर इसी बहाने राकांपा के जयंत पाटील ने भी शंका व्यक्त की है।
स्ट्रांग रूम में रखी हैं ईवीएम
आष्टा नगर परिषद चुनाव में मतदान के लिए उपयोग की गई ईवीएम मशीनें विलासराव शिंदे हॉल में बने स्ट्रांग रूम में रखी गई हैं। प्रशासन द्वारा रात में दी गई जानकारी और सुबह ऑनलाइन घोषित किए गए मतदान के आंकड़ों में लगभग दो हजार वोटों की बढ़ोतरी दिखाई दी।
