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न्यूज स्कैन : अंधविश्वास की खौफनाक वारदात… तांत्रिक का आदेश… हैवान बना दादा… पोते के टुकड़े-टुकड़े कर डाले

खुशबू सिंह

ये घटना इसी साल अगस्त महीने की है, जब उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी प्रयागराज में अंधविश्वास ने एक मासूम की जान ले ली। करेली थाना क्षेत्र में १७ वर्षीय किशोर पीयूष की नृशंस हत्या केवल इसलिए कर दी गई क्योंकि एक तांत्रिक ने कहा कि ‘इस बच्चे की बलि देने से परिवार की परेशानियां दूर हो जाएंगी’। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि पीयूष का रिश्ते में दादा लगने वाला शरण सिंह था।
क्या है पूरा मामला?
पीयूष करेली के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में कक्षा ११ का छात्र था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका था। घटना से पहले सुबह साढ़े आठ बजे वो स्कूल जाने के लिए घर से निकला, लेकिन स्कूल पहुंचा ही नहीं। दोपहर में मां कामिनी देवी जब स्कूल गर्इं तो शिक्षकों ने बताया कि पीयूष आज आए ही नहीं। घबराई मां ने तुरंत करेली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
उसी दिन शाम को नैनी औद्योगिक क्षेत्र के कुरिया लवायन गांव के पास एक नाले में साड़ी में लिपटा हुआ मानव धड़ मिला। सिर और हाथ-पैर गायब थे इसलिए शिनाख्त नहीं हो पाई। अगले दिन बुधवार को करेली के सैदपुर कछार (यमुना का डूब क्षेत्र) में किशोर का कटा सिर बरामद हुआ। इसके बाद धड़ की शिनाख्त पीयूष के रूप में हुई।
तांत्रिक का भयानक फरमान
पुलिस उपायुक्त (नगर) अभिषेक भारती ने बताया कि आरोपी शरण सिंह (रिश्ते में पीयूष का दादा लगता है) साल २०२३ में अपने बेटे और साल २०२४ में बेटी की आत्महत्या से सदमे में था। वो इलाज और सलाह के लिए एक तांत्रिक के पास गया। तांत्रिक ने उसे बताया कि ‘वास्तव में पीयूष को मरना था, वो नहीं मरा इसलिए तुम्हारे दोनों बच्चे मर गए। अब इसे मार दो, तुम्हारी सारी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।’
बस इसी बात को सच मानकर शरण सिंह ने पीयूष को बहला-फुसलाकर अपने पास बुलाया और उसकी हत्या कर दी। सिर व हाथ-पैर काटकर अलग-अलग जगह फेंक दिए और धड़ को अपनी पत्नी की साड़ी में लपेटकर स्कूटी से नैनी के नाले में फेंक आया।
ग्रामीण महिला बनी गवाह
नाले में शव फेंकते वक्त एक स्थानीय महिला ने शरण सिंह को देख लिया। उसने पुलिस को हुलिया बताया, जिसके आधार पर पुलिस ने २४ घंटे के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में शरण सिंह ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इस दिल दहला देनेवाली घटना ने एक बार फिर अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के खतरनाक परिणामों को उजागर किया है।

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