उमेश गुप्ता / वाराणसी
धर्म की नगरी काशी में शनिवार को“श्री राधाष्टमी” पर श्रीराधारानी के प्राकट्योत्सव “धूमधाम के साथ मनाया गया। हरे कृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसायटी द्वारा आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव की दुसरे दिन प्रातः काल से ही माहेश्वरी भवन में भक्त जनों का उत्साह दिखाई पड़ा रहा था!! श्री श्री राधा गोविन्द देव के विग्रहो का सुन्दर श्रृगार किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ गोपी जी, राघवेंद्र प्रभुजी, द्वारा हरि नाम हरे कृष्ण महामंत्र से हुआ तत्पश्चात परम् ईश्वर श्री कृष्ण तथा श्री राधा रानी के प्रेम मिलन की प्रेरणा श्री तुलसी पूजा गायन- प्रियंका माताजी, अमृता माताजी, संगीता माताजी, पूनम माताजी द्वारा सामुहिक रूप से किया गया !! ठीक 12 बजे महाआरती “जय राधे जय राधे जय राधे जय श्री कृष्ण” तथा पुजारी संजय प्रभु के शःखनाद से पूरा माहेश्वरी भवन ब्रजधाम बरसाना बन गया!! मातृशक्ति प्रियंवदा प्रियंका देवी के आरती गायन पर सभी भक्त जन हर्षोल्लास से नृत्य करने लगें! श्री राधा रानी के चरणों पर पुष्प अर्पित कर भक्त जन स्वयं को धन्य समझ रहे थे!!
द्वितीय दिवस के आयोजन का द्वितीय चरण सायंकाल पांच बजे हरि नाम संकीर्तन से प्रारंभ हुआ! श्री कृष्ण की भक्ति को प्रदान करने वाली तथा कृष्ण प्रेम प्रदान करने वाली श्री तुलसी देवी की अर्चना (श्री राधाकृष्ण सेवा पावों यहीं अभिलाषी नमो नम:) का गायन- संगीता माताजी, सीमा सुजीत माताजी, रति रजनी मंजरी देवी माताजी, पदमा पदमा देवी माताजी द्वारा किया गया! श्री राधा गोविन्द देव भगवान श्री श्री जगन्नाथ बलदेव श्री शुभद्राजी के विग्रहों का भव्य मनोहारी श्रृगार सभी श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा था! श्री राधाकृष्ण के युगलावतार श्री चैतन्य महा प्रभुजी की आरती गौर आरती (जय जय गौरा चॉदेर आरती के शोभा) भक्ति विघ्न विनाशक श्री नृसिंह देव भगवान की वंदना गायन- भक्तिन् ओमी तथा हरे कृष्ण महामंत्र पर भक्त जन झूम झूम कर नृत्य कर रहे थे!!
श्री श्री राधा रानीजी की स्तुति वंदना (श्री राधाकृपाकटाक्ष) का अद्भुत मनोहारी पाठन मातृ शक्ति भक्तों द्वारा किया गया। साथ ही साथ 108 व्यंजनों का का भोग अर्पित किया गया।
नृत्य नाटिका मे कृष्णा मिश्रा, रागिनी कुमारी, जान्हवी गुप्ता द्वारा अद्भुत प्रस्तुति पर पूरा माहेश्वरी भवन तालियों से गूंज उठा।
