मुख्यपृष्ठनए समाचारविरार स्टेशन के पुल पर आवारा कुत्तों का ‘राज’!

विरार स्टेशन के पुल पर आवारा कुत्तों का ‘राज’!

-रेलवे की निगरानी व्यवस्था हुई फेल

जेदवी / मुंबई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद रेलवे स्टेशनों को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने के पश्चिम रेलवे के दावे विरार स्टेशन पर खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं। अभियान शुरू हुए २० दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन स्टेशन के पादचारी पुल पर आवारा कुत्तों का झुंड खुलेआम डेरा जमाए बैठा है। यात्रियों की भारी आवाजाही वाले पुल पर एक-दो नहीं, बल्कि कई कुत्तों की मौजूदगी ने रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पश्चिम रेलवे ने मुंबई मंडल के स्टेशनों पर आवारा कुत्तों की निगरानी और प्रबंधन के लिए ३० जुलाई २०२६ से अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। इसके तहत स्टेशन मास्टर और स्टेशन अधीक्षकों को नोडल अधिकारी नियुक्त कर कुत्तों की मौजूदगी, यात्रियों की शिकायतों और कार्रवाई का रिकॉर्ड रखने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन विरार स्टेशन का नजारा इन दावों की पोल खोल रहा है।
स्टेशन परिसर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी का दावा किया जाता है। फिर सवाल उठता है कि यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पुल पर कुत्तों का झुंड पहुंचा कैसे और घंटों वहां जमा कैसे रहा? अचानक कुत्तों के दौड़ने या हमला करने से भगदड़ मचने की आशंका से यात्री भयभीत हैं।
मनपा से समन्वय का दावा
पश्चिम रेलवे के अनुसार, चर्चगेट से बोरीवली के बीच मनपा के २५-३० वार्ड अधिकारियों से संपर्क किया गया है। पकड़े गए कुत्तों को मनपा के हवाले कर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था है। प्रत्येक स्टेशन पर नोडल अधिकारी का नाम और संपर्क नंबर प्रदर्शित करने का भी दावा किया गया है।

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