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चिंगारी भड़की!.. मोदी के झोला लेकर जाने का समय आया!!.. युवाओं का अणु बम सरकार के नीचे लगेगा – उद्धव ठाकरे

वांगचुक की लड़ाई में महाराष्ट्र उतरा…शिवतीर्थ पर उमड़ा जेन-जी का सैलाब

सामना संवाददाता / मुंबई

केंद्र की यह एनडीए सरकार, जो जनता को रोटी नहीं दे सकती, रोजगार नहीं दे सकती, शिक्षा नहीं दे सकती और जवाब भी नहीं देती, ऐसी सरकार नहीं चाहिए। हमें केवल धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं, बल्कि यह सरकार ही नहीं चाहिए। ऐसे जोरदार तरीके से शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए आरएसएस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आरएसएस के लोग पाकिस्तान से बात की वकालत करते हैं। जिस पाकिस्तान ने सीमा पर कई जवानों को शहीद किया, कश्मीर में आम जनता को मारा, अब आरएसएस उसी से बात करने को कह रही है। इनके हिंदुत्व में दाग है। इस सरकार को पाकिस्तान तो छोड़िए आम जनता के सवालों पर बात करने के लिए कब कहोगे। उद्धव ठाकरे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन के समर्थन में शिवसेना की ओर से दादर स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित विराट आंदोलन में बोल रहे थे।
नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और मोदी सरकार की कथित तानाशाही के विरोध में सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित आंदोलन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर मानो युद्ध की तैयारी चल रही है। वहां पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं, शायद परमाणु बम भी ले आएं। लेकिन सरकार को यह नहीं पता कि देश की युवा शक्ति ही सबसे बड़ा परमाणु बम है और वह पहले से ही उनके नीचे फटने को तैयार है।
सरकार बदलने तक जारी रहेगा आंदोलन

सोनम वांगचुक के समर्थन में छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित आंदोलन में उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुझे आप सबसे केवल एक वचन चाहिए कि आज जो जागरूकता और जो आग दिखाई दे रही है, वह तब तक बनी रहनी चाहिए जब तक यह सरकार नहीं बदल जाती। यह आग बुझनी नहीं चाहिए, बल्कि इस सरकार को बदल देना चाहिए। तभी इस आंदोलन का उद्देश्य पूरा होगा। यह संघर्ष केवल सोनम वांगचुक का नहीं है। इस सरकार ने केवल चंदा और वोट की चोरी नहीं की, बल्कि देश के युवाओं का भविष्य भी छीन लिया है।
सोनम वांगचुक का समर्थन करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘सोनम वांगचुक ने देश को बहुत कुछ दिया है। उन्होंने हमारे सैनिकों के लिए सोलर टेंट बनाए, बर्फीले इलाकों में पानी की समस्या दूर करने के लिए आइस फाउंटेन विकसित किए। ऐसे वैज्ञानिक और पर्यावरणविद को देशद्रोही कहा जा रहा है। आखिर देशभक्ति है कहां? यह सरकार देशभक्तों की नहीं, बल्कि उद्योगपतियों की हितैषी बन गई है। उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि हाल ही में आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए। मोहन भागवत ने भी उसका समर्थन किया। अगर पाकिस्तान से बातचीत हो सकती है तो सोनम वांगचुक से क्यों नहीं?
पीओके में दिखाओ ताकत
उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के युवाओं के सामने पुलिस और सुरक्षा बल खड़े किए जा रहे हैं। अगर इतनी ताकत पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में दिखाई जाती तो बेहतर होता। क्या देश के युवाओं के खिलाफ सेना का इस्तेमाल किया जाएगा?
उन्होंने कहा कि हम हिंदुत्ववादी हैं, लेकिन उससे पहले कट्टर राष्ट्रवादी हैं। हमारा हिंदुत्व केवल प्रतीकों तक सीमित नहीं है। हमारे लिए देशभक्ति सर्वोपरि है। जो भी इस देश से प्रेम करता है, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो, वह हमारा अपना भाई है। मैं भारत माता का भक्त हूं, किसी व्यक्ति का अंधभक्त नहीं हो सकता।

-भाजपा के सामने नहीं झुकेंगे- आदित्य ठाकरे
-जो एक निकम्मा मंत्री है… धर्मेंद्र प्रधान! उसका हमें इस्तीफा चाहिए

नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और मोदी सरकार की तानाशाही के विरोध में शिवसेना ने कल दादर के छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने भारी संख्या में उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। आदित्य ठाकरे ने कहा कि हम भाजपा के सामने न झुकेंगे, न सिर झुकाएंगे। चाहे हमें काट दिया जाए पर हम भाजपा के गुलाम नहीं बनेंगे।
देश के भविष्य के लिए सभी को एकजुट होना होगा

शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा कि पिछले २२ दिनों से सोनम वांगचुक देश और छात्रों के हित में अनशन कर रहे हैं। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के कारण करीब २२ छात्रों ने आत्महत्या की है। इसी मुद्दे को लेकर यह आंदोलन चल रहा है। हमारी एक ही मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। आखिर धर्मेंद्र प्रधान में ऐसी कौन-सी बात है कि प्रधानमंत्री उन्हें पद से नहीं हटा सकते?
उन्होंने कहा कि आज देश का युवा सड़कों पर उतर आया है। यहां मौजूद छात्र अलग-अलग संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन देश के भविष्य के लिए सभी को एकजुट होना होगा।
उन्होंने कहा कि पूरे देश के युवा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए आदित्य ठाकरे ने कहा कि देश में लगातार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। नीट का पेपर लीक हुआ, टीईटी का पेपर लीक हुआ और एमपीएससी के अभ्यर्थियों को हर साल आंदोलन करना पड़ता है। सरकारी स्कूलों में शौचालय, बिजली और सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। सरकार को शिक्षा की कोई चिंता नहीं है। भाजपा देश को अशिक्षित रखकर अंधभक्त बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि अगर हम किसी के अंधभक्त होंगे तो इस देश की मिट्टी के होंगे, छत्रपति शिवाजी महाराज के होंगे, शाहू-फुले-आंबेडकर के होंगे और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर के होंगे। लेकिन भाजपा के सामने कभी नहीं झुकेंगे। चाहे हमारे सिर क्यों न काट दिए जाएं। आदित्य ठाकरे ने दावा किया कि हाल ही में खबर आई है कि इसरो के करीब १०० वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया है। सरकार इसरो को संभाल नहीं पा रही, लेकिन दूसरे दलों के सांसद तोड़ने में लगी है। दूसरी ओर, हर दिन कंपनियों से हजारों कर्मचारियों की छंटनी की खबरें आ रही हैं। विश्व बैंक के अनुसार, अगले १०-१२ वर्षों में १२ करोड़ युवा रोजगार की उम्र में पहुंचेंगे, लेकिन दुनिया में केवल ४ करोड़ नौकरियां पैदा होंगी। बाकी युवाओं का क्या होगा? वे कब तक मुफ्त राशन पर निर्भर रहेंगे?

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