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प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में हंगामा: तीन दिन से तड़प रही गर्भवती महिला, वीडियो वायरल

-सीनियर डॉक्टर के आदेश के बाद भी तीन दिन तक नहीं कराई डिलीवरी
-बेड चार्ज और बिल बढ़ाने के लिए बाहर से मंगवाई जा रही थीं दवाइयां
-तीमारदारों और स्टाफ में तीखी बहस, धौंस दी—‘जो करना है कर लो, वीडियो बनाना है बना लो… कुछ नहीं होने वाला’
-पीड़ित पक्ष ने 112 नंबर पर किया कॉल, डीसीपी सिटी ने दिए जांच के आदेश

राजेश सरकार / प्रयागराज
संगम नगरी के सबसे बड़े स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल से संवेदनहीनता और भारी अव्यवस्था का मामला सामने आया है। यहां डिलीवरी के लिए भर्ती एक गर्भवती महिला को तीन दिनों तक बिना इलाज के तड़पाने का आरोप लगा है। इस लापरवाही के विरोध में जब परिजनों ने आवाज उठाई तो अस्पताल स्टाफ और उनके बीच जमकर बहस, मारपीट और हंगामा हुआ। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
डॉक्टर के आदेश को भी किया दरकिनार
पीड़ित परिजनों के मुताबिक, महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सुबह खुद सीनियर डॉक्टर ने वार्ड का दौरा किया था। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों को निर्देश दिए थे कि महिला की डिलीवरी उसी दिन करा दी जाए। आरोप है कि सीनियर डॉक्टर के जाते ही जूनियर स्टाफ ने इस आदेश को ठंडे बस्ते में डाल दिया। महिला दर्द से चिल्लाती रही, लेकिन किसी ने उसकी सुध नहीं ली।
बिल बढ़ाने के लिए बाहर से मंगवाई दवाइयां
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उन्हें बाहर से महंगी दवाइयां और अन्य सामान लाने के लिए मजबूर किया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल कर्मी जानबूझकर मामले को लटका रहे थे, ताकि बेड चार्ज और अतिरिक्त बिल बढ़ाया जा सके।
इसी बात को लेकर जब परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ से सवाल किया तो मामला बिगड़ गया। बहस देखते ही देखते गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गई। इसी हंगामे के बीच अस्पताल की एक महिला कर्मचारी का वीडियो सामने आया है। वीडियो में वह कथित तौर पर गैर-जिम्मेदाराना लहजे में कहती दिख रही है—‘जो करना है कर लो, वीडियो बनाना है बना लो… कुछ नहीं होने वाला।’ यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
अस्पताल के अंदर सुरक्षा न मिलने और विवाद बढ़ने पर डरे-सहमे परिजनों ने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभाला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सिटी प्रयागराज ने आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के लिए थाना प्रभारी, कोतवाली को निर्देशित किया गया है।
दूसरी ओर, इतने बड़े हंगामे के बाद भी अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक या विस्तृत स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।

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