सगीर अंसारी / मुंबई
गोवंडी के देवनार कॉलोनी और बैगनवाड़ी क्षेत्र में छाए जल संकट ने स्थानीय लोगों का जीवन कठिन कर दिया है। शहर के इस हिस्से में मनपा जल विभाग की लगातार उदासीनता और जिम्मेदारी से भागने के कारण नागरिक बूंद-बूंद पानी को तरस गए हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके के शुरुआती हिस्सों में कुछ लोगों ने बड़े मोटर पंप लगाकर पूरे इलाके की पानी की सप्लाई खींच ली है। इसका सबसे बुरा असर पीछे के इलाकों पर पड़ रहा है, जहां नागरिक कभी पानी की फुहार तक नहीं देख पाते। रोड नंबर १२ की एक महिला ने कहा, ‘हमारे यहां पहले तो पानी आता ही नहीं, और अगर कभी आया भी तो गंदा और अव्यवस्थित होता है। पीना तो छोड़ो, नहाने और अन्य कामों के लिए भी पानी का उपयोग करना असंभव है।
स्थानीय नगरसेविका ने लिया संज्ञान
इस गंभीर समस्या को देखते हुए पूर्व नगरसेविका रुकसाना सिद्दीकी ने तुरंत कदम उठाया। उन्होंने एम/पूर्व वार्ड के जल विभाग के सहायक अभियंता से मिलकर नागरिकों की पीड़ा से उन्हें अवगत कराया और स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि समस्या का तुरंत और स्थाई समाधान किया जाए।
स्थानीय नागरिकों में आक्रोश
स्थानीय नागरिक अब खुलेआम जल विभाग के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। उनका कहना है कि विभाग की उदासीनता सिर्फ उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित नहीं कर रही है, बल्कि स्वास्थ्य और स्वच्छता के लिए भी गंभीर खतरा बन चुकी है।
निवासियों ने दी
आंदोलन की चेतावनी
निवासियों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर जल विभाग ने त्वरित कदम नहीं उठाए तो लोग सड़कों पर उतरकर अपना हक लेने को मजबूर होंगे। देवनार और बैगनवाड़ी के लोग अब शांत नहीं बैठेंगे। प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय है और जनता की आवाज अब दबाई नहीं जा सकती। पानी की बूंद-बूंद से जुड़ा संघर्ष अब केवल घरों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे इलाके में प्रशासन और मनपा जल विभाग के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी बन चुका है।
