– अब भाजपा से ज्यादा सीटों पर लड़ेगी जदयू
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
विधानसभा चुनाव के तारीखों की घोषणा होने के बाद भी अब तक एनडीए ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। सीट शेयरिंग को लेकर अभी भी भाजपा-जदयू में तनातनी जारी है। पिछले कई दिनों से बिहार टू दिल्ली मीटिंग पर मीटिंग पर चल रही हैं, लेकिन नतीजा अभी तक नहीं निकला है। पिछले कई दिनों से एनडीए के सहयोगी अपने-अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। चिराग पासवान हो या जीतन राम मांझी दोनों ने ही दबे स्वर में ही सही, लेकिन विरोध करना शुरू कर दिया है। इन्हीं `विरोध’ के चलते लगता है अब एनडीए के `मोटा’ यानी बड़े भाई की भूमिका में रहनेवाली भाजपा ने इस बार कहीं गठबंधन टूट न जाए इसलिए `छोटे भाई’ जदयू को खुद से ज्यादा सीटें देने का मन बना लिया है। सूत्रों की मानें तो इस बार बिहार में होनेवाले विधानसभा चुनाव में जदयू को १०१ सीटें और भाजपा खुद १०० सीटों पर चुनाव लड़ सकती है।
बता दें कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के प्रमुख घटक दलों, जदयू और भाजपा ने सीट शेयरिंग फॉर्मूले को सफलतापूर्वक अंतिम रूप दे दिया है। अन्य सहयोगी दलों के इधर-उधर झांकने की तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए गठबंधन के रणनीतिकारों ने कठिन दिख रहे सीटों के बंटवारे को सुलझा लिया है। जदयू ने गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका निभाई। इस फॉर्मूले के तहत, जदयू को १०१ सीटें, भाजपा को १०० सीटें, लोजपा (आर) को २९ सीटें, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को ७ सीटें और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) को ६ सीटें मिली हैं।
जदयू के ४ तो भाजपा का १ `विकेट’ गिरा!
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले जदयू और भाजपा को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, जदयू के ४ और भाजपा के एक विधायक ने पार्टी छोड़ दी है। जेडीयू के ४ नेता आरजेडी में शामिल हो गए हैं। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बताया, `पूर्णिया के पूर्व सांसद संतोष कुशवाहा, घोषी के पूर्व विधायक राहुल शर्मा, जेडीयू सांसद गिरधारी यादव के बेटे चाणक्य प्रकाश और वैशाली से अजय कुशवाहा, हजारों समर्थकों के साथ आरजेडी में शामिल हुए। इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मिश्रीलाल यादव ने पार्टी छोड़ दी।
