सामना संवाददाता / मुंबई
कुछ लोग निष्ठावान होते हैं तो कुछ लोग निष्ठा का मुखौटा पहनकर इधर-उधर घूमते रहते हैं। यही मुखौटा पहनने वाले लोग गद्दारी के घाव देते हैं। अनंत तरे जैसे निष्ठावान व्यक्ति बार-बार नहीं मिलते। ठाणे का ऐतिहासिक विकास करने वाले शिवसेना और शिवसेनाप्रमुख पर अटूट श्रद्धा रखने वाले ‘राजहंस’ अनंत तरे आज जीवित होते तो ठाणे में गद्दार कौवे फड़फड़ा नहीं रहे होते। ऐसा प्रतिपादन शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल किया।
अनंत तरे के निजी सहायक योगेश कोली द्वारा तरे के जीवन पर लिखी गई पुस्तक ‘अनंत आकाश’ का विमोचन उद्धव ठाकरे के हाथों गडकरी रंगायतन सभागृह में किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने अनंत तरे और उनके परिवार की निष्ठा की प्रशंसा करते हुए कहा कि अनंत तरे के जीवन पर बनाई गई ‘वे राजहंस एक’ डॉक्यूमेंट्री मैंने देखी और मुझे वह पुराना ठाणे याद आ गया। आनंद दिघे, अनंत तरे, मो. दा. जोशी, प्रकाश परांजपे, रघुनाथ मोरे जैसे लोग अगर आज जीवित होते, तो किसी को भी गद्दारी का ‘ग’ बोलने की हिम्मत नहीं होती और आज शाह के चरणों में रो-रोकर ‘बचाओ-बचाओ’ की गुहार लगानेवाले भी नहीं दिखते।
इस अवसर पर उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि ठाकरे और तरे परिवार की कुलदेवी एकविरा माता हैं। हम सब एक ही माता की संतान हैं।
गद्दारों को कूड़ेदान में फेंकेंगे
जिसने मां समान शिवसेना से विश्वासघात किया है, वह अपना भी नाश करेगा। इसका उन्हें एहसास जरूर होगा। आज इन गद्दारों को प्रलोभन दिखाए जा रहे हैं, पद और फायदे बांटे जा रहे हैं, लेकिन जब इन गद्दारों का उपयोग खत्म हो जाएगा, तब उन्हें कूड़ेदान में फेंक देंगे। वही गद्दार अपने सिर पर हाथ रखे ठाणे की सड़कों पर भटकते नजर आएंगे। अब तो ये लोग केवल मनपा तक ही सीमित रह गए हैं। खेत में जाने के लिए भी हेलिकॉप्टर लिया है। उन्होंने तंज कसा कि खेत में जाते हैं, लेकिन सब्जी काटते हैं या बैल काटते हैं, यह समझ नहीं आता।
सोमवार को मोर्चा… जड़ तक पहुंचने वालों को उखाड़ फेंको!
ठाणे मनपा के अधिकारियों और सत्ताधारियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को मोर्चा निकलेगा। शिवसेना के साथ मनसे और अन्य दल भी इसमें शामिल होंगे। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि अब घर के भीतर की दुश्मनी बंद करो और जो जड़ों तक पहुंचने वाले दुश्मन हैं, उन्हें पहले उखाड़ फेंको। जब हम सब मिलकर इन दुश्मनों को जड़ से खत्म करेंगे, तब हम सब एकविरा माता के दर्शन के लिए जाएंगे।
