सामना संवाददाता / मुंबई
वसई-विरार मनपा के पूर्व आयुक्त अनिल कुमार पवार की गिरफ्तारी को लेकर मुंबई हाई कोर्ट ने ईडी को फटकार लगाते हुए कहा है कि उनकी गिरफ्तारी गैर कानूनी ढंग से की गई। साथ ही अदालत ने अनिल कुमार को रिहा करने का आदेश भी जारी किया। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायाधीश गौतम अंखड की खंडपीठ ने दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अनिल कुमार को गिरफ्तार करने के लिए ईडी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है।
विकासक और आर्किटेक्ट के जवाब के आधार पर अनिल कुमार को गिरफ्तार किया गया, यह कहकर अदालत ने ईडी के खिलाफ नाराजगी जताई। इस आदेश को स्थगित करने की गुजारिश एडिशनल सालिसीटर जनरल अनिल सिंह ने की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। बता दें कि १३ अगस्त को ईडी ने अनिल कुमार पवार को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के खिलाफ पवार ने कोर्ट का रुख किया था। पवार ने अदालत में दलील दी कि ईडी ने उन्हें साल २००८ से २०२१ के बीच हुए अवैध निर्माण कार्यों के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जबकि उन्होंने साल २०२२ में वसई-विरार मनपा की जिम्मेदारी संभाली थी।
