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मीरा-भायंदर में फिर हुआ वोट चोरी का खुलासा! …भाजपा की पूर्व महापौर डिंपल मेहता सहित कई भाजपाइयों के दो विधानसभा क्षेत्रों में नाम

– वोटों की चोरी और हेराफेरी के बलबूते हासिल की जीत
सुरेश गोलानी / मुंबई
मीरा-भायंदर शहर में भी अब वोट चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता मुजफ्फर हुसैन ने गुरुवार को प्रेस कॉन्प्रâेंस आयोजित कर वोट चोरी का खुलासा करते हुए चौंकानेवाले प्रमाण दिए। सबूतों का पिटारा खोलते हुए मुजफ्फर हुसैन ने भारतीय जनता पार्टी की पूर्व महापौर और नगरसेविका डिंपल विनोद मेहता सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों, पूर्व नगरसेवकों और भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता की ७/११ कंपनी के निदेशकों के दो विधानसभा क्षेत्रों (मीरा-भायंदर-१४५ और ओवला माजीवाडा-१४६) में नाम दर्ज होने की जानकारी साझा की।
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके मीरा-भायंदर विधानसभा चुनाव में वोटों की चोरी और हेराफेरी के बलबूते पर जीत हासिल की है। कांग्रेस प्रवक्ता दीपक बागड़ी के अनुसार, पूर्व महापौर डिंपल विनोद मेहता (नगरसेवक वॉर्ड क्रमांक १२) का मूल नाम ओवला माजीवाडा विधानसभा क्षेत्र (१४६) की सूची क्रमांक १२० अनु क्रमांक ४१२ (एक्ससीई ६५४३२२७ ) में दर्ज है, जबकि २०१७ के मनपा चुनाव के हलफनामे में उनका पहचान पत्र क्रमांक एक्ससीई ४०६२९८० दर्शाया गया है। आरोप है कि इसी प्रकार से उनके पति विनोद लालचंद मेहता, पूर्व नगरसेवक संजय अनंत थेराडे, उनकी पत्नी वनीता थेराडे, पूर्व नगरसेविका कुसुम संतोष गुप्ता, उनके पति संतोष गुप्ता, रविकांत उपाध्याय, उनकी पत्नी शीतल उपाध्याय, विधायक नरेंद्र मेहता की कंपनी के निदेशक संजय सखाराम सुर्वे आदि का नाम दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में हैं और उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को चुनने के लिए अवैध रूप से मतदान किया है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मतदाता सूची में दो स्थानों में एक व्यक्ति का नाम पाया जाना दंडनीय अपराध है, जिसमें एक साल जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। मुजफ्फर हुसैन ने कहा, ‘भाजपा ने न सिर्फ लोकतंत्र का गला घोंटा है, बल्कि वोटों की हेराफेरी करके शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक से भी गद्दारी की है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और लोकतंत्र के दुश्मनों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे और न्यायालय से इंसाफ मांगेंगे।’ खैर, हुसैन पर पलटवार करते हुए मेहता ने भी आरोप लगा दिया कि कांग्रेस के नगरसेवकों के भी तीन-तीन वोटर लिस्ट में नाम हैं, लेकिन वो ये कहावत भूल गए कि एक गलत काम को दूसरे गलत काम से तुलना करके उसे ठीक नहीं किया जा सकता है।

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