हिमांशु राज
अभिनेता, निर्देशक और निर्माता अक्षय सिंह, जिनकी चर्चित वेब सीरीज़ ‘नाम गुम जाएगा’ एमएक्स प्लेयर पर स्ट्रीम हो रही है, इस दिवाली अपने जीवन की विशेष ‘रोशनी’ साझा करते हैं। उनके लिए दिवाली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, कृतज्ञता और जुड़ाव का पर्व है। अक्षय मुस्कुराते हुए कहते हैं, “मेरे लिए दिवाली परंपरा और साथ का उत्सव है। पूरे हफ्ते घरों पर गेट-टुगेदर होते हैं। कुछ दोस्त ऐसे हैं, जिनसे मुलाकात बस ‘दिवाली-टू-दिवाली’ होती है।” मिठाइयों के शौकीन अक्षय मानते हैं कि दिवाली पर मिठाई से परहेज़ नहीं हो सकता-“बेसन लड्डू से लेकर रस मलाई तक सबका स्वाद लेता हूं, यहां तक कि किसी और की प्लेट से भी एक बाइट चुरा लेता हूं।” फिल्म उद्योग में एक कठिन दौर को याद करते हुए अक्षय कहते हैं, “तीन फिल्मों की पटकथा लिखी, लेकिन कोई बनी नहीं। तब समझ आया कि मेरे लिए कोई और रोशनी नहीं जलाएगा। मुझे अपनी रोशनी खुद जलानी होगी।” इसी सोच से ‘पिंकी ब्यूटी पार्लर’ बनी-उनकी पहली फिल्म, जिसने उन्हें विश्वभर में पहचान दिलाई। आज अक्षय की दिवाली अधिक शांत और पर्यावरण-संवेदनशील है। अब वे पूजा, दीयों और सादगी से उत्सव मनाते हैं। आने वाले साल के लिए उनकी दो नई फीचर फिल्मों की तैयारी चल रही है। वे मुस्कुराते हुए कहते हैं, “अगली दिवाली तक जब दोनों फिल्में पूरी होंगी, वही मेरी सच्ची रोशनी होगी।”
