उमेश गुप्ता / वाराणसी
फिल्म अभिनेता ऋषभ शेट्टी हाल ही में रिलीज हुई अपनी फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की सफलता का धन्यवाद करने के लिए देवों की नगरी वाराणसी पहुंचे। ऋषभ ने काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और गंगा आरती में भी भाग लिया।
कांतारा की कहानी, आस्था और संस्कृति से गहराई से जुड़ी होने के कारण ऋषभ ने अपनी फिल्म का प्रमोशन धार्मिक नगरी में करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना। उन्होंने बताया कि यह यात्रा फिल्म के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहलुओं को लोगों तक पहुंचाने का भी हिस्सा है।
‘कांतारा: चैप्टर 1’ होम्बले फिल्म्स की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक है। फिल्म ने पहले ही दिन से शानदार सफलता हासिल कर देशभर में अपने प्रदर्शन के नए मानक स्थापित कर दिए हैं। दर्शकों और आलोचकों दोनों की तारीफ के बाद यह फिल्म साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है।
फिल्म की टीम में म्यूजिक डायरेक्टर बी. अजनीश लोकनाथ, सिनेमैटोग्राफर अरविंद कश्यप और प्रोडक्शन डिज़ाइनर विनेश बंग्लान शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर फिल्म की विजुअल और भावनात्मक कहानी को शानदार रूप दिया है।
‘कांतारा: चैप्टर 1’ 2 अक्टूबर को कन्नड़, हिंदी, तेलुगु, मलयालम, तमिल, बंगाली और अंग्रेजी भाषाओं में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म अपने सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए अलग-अलग भाषाओं और क्षेत्रों के दर्शकों तक पहुंचना चाहती है।
ऋषभ शेट्टी का कहना है कि वाराणसी में फिल्म का प्रमोशन करना उनके लिए खास था, क्योंकि इस फिल्म की आत्मा आस्था, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ी है। इस यात्रा में उन्होंने न केवल काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन किए, बल्कि गंगा आरती में भाग लेकर अपनी फिल्म की सफलता का धन्यवाद भी अर्पित किया। फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ लोककथाओं, आस्था और सिनेमा की कला का जश्न मनाती है और भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान बना रही है।
