सामना संवाददाता / मुंबई
हाई कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद मुंबई मनपा अब तक मझगांव स्थित भगवान आदिनाथ मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा नहीं कर सकी है। इस लापरवाही को लेकर याचिकाकर्ता ओके स्टेट डेवलेपर व अन्य ने मुंबई मनपा के खिलाफ कोर्ट की अवमानना याचिका दाखिल की है, जिसकी सुनवाई ६ नवंबर को होगी।
दरअसल, ७ जुलाई २०२२ को मुंबई हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि भगवान आदिनाथ मार्ग को ६ मीटर से बढ़ाकर ९.१५ मीटर चौड़ा किया जाए, ताकि स्कूलों और विवाह हॉल के आस पास की ट्रैफिक समस्या दूर हो। यह सड़क इतनी संकरी है कि आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तक नहीं निकल पातीं। कोर्ट ने मनपा ई-वॉर्ड को छह हफ्तों में काम पूरा करने का निर्देश दिया था, लेकिन तीन साल बाद भी कार्रवाई अधूरी है।
हालांकि, मनपा ने अप्रैल २०२५ में प्रभावित संरचनाओं को मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी की और जून-जुलाई २०२५ में तोड़क कार्रवाई के नोटिस जारी किए, परंतु अब तक केवल खानापूरी ही होती दिखी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि मनपा ने कुछ प्रभावशाली लोगों के साथ साठगांठ कर रखी है इसलिए कोर्ट के आदेश को भी नजरअंदाज किया जा रहा है। नतीजा यह है कि इलाके के लोग हर दिन ट्रैफिक जाम और आपातकालीन स्थिति के डर में जी रहे हैं।
