सामना संवाददाता / मुंबई
किसानों की जब तक कर्ज मुक्ति नहीं हो जाती, तब तक महायुति सरकार को नहीं छोड़ेंगे। इस तरह की कड़क चेतावनी शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल दी। छत्रपति संभाजी नगर के अजीत पवार गुट के जिला उपाध्यक्ष रवींद्र तांगडे और पूर्व नगरसेवक सोहल शेख ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ कल ‘मातोश्री’ निवास स्थान पर उद्धव ठाकरे की उपस्थिति में शिवसेना में प्रवेश किया। पक्ष में उनका स्वागत करने के बाद मार्गदर्शन करते हुए उद्धव ठाकरे बोल रहे थे।
शिवसेना दिलाएगी न्याय
दिवाली के पहले दिन सभी को शुभकामनाएं देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि हमें मराठवाड़ा और महाराष्ट्र का आपदाग्रस्त किसान दिखाई दे रहा है। उन्होंने कल फिर से वादा किया कि उन किसानों के पीछे कोई और हो या न हो, लेकिन शिवसेना उन्हें न्याय दिलाने के लिए हर कदम पर उनके साथ रहेगी। उद्धव ठाकरे ने कहा कि आठ दिन पहले हम मराठवाड़ा गए थे, तब किसानों को कर्जमुक्त करने का वादा किया था। कर्जमुक्ति होने तक सरकार को छोड़ना नहीं है, क्योंकि महायुति सरकार किसानों के साथ धोखाधड़ी कर रही है। सरकार का यह धोखा जारी है। इस तरह की आलोचना भी उद्धव ठाकरे ने की। बर्बाद हुई जमीन के लिए सरकार ने तीन-साढ़े तीन लाख रुपए की घोषणा की। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मदद चाहिए तो दिवाली के बाद दें, लेकिन एक लाख रुपए दिवाली से पहले किसानों के खाते में डालें। इस तरह की मांग शिवसेना ने की थी, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। किसानों के कर्ज का पुनर्गठन नहीं, बल्कि कर्ज पूर्ण रूप से माफ करें, यह शिवसेना की मांग है। इस अवसर पर शिवसेना नेता विधायक अंबादास दानवे, शिवसेना नेता चंद्रकांत खैरे, उपनेता विनोद घोसालकर, शिवसेना सचिव विधायक मिलिंद नार्वेकर, छत्रपति संभाजी नगर महानगर प्रमुख राजू वैद्य आदि पदाधिकारी और शिवसैनिक उपस्थित थे।
दिवाली के बाद फिर से मराठवाड़ा दौरा
शिवसैनिकों से उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिवाली के बाद वे फिर से मराठवाड़ा आने वाले हैं। तालुका स्तर पर शिवसेना के दल होने चाहिए और उन्हें देखना चाहिए कि सरकार के घोषित पैकेज किसानों को मिला है या नहीं, यह देखना चाहिए। उन्होंने संदेश दिया कि किसान को पैकेज दिलवाने का काम शिवसैनिकों को करना है, सरकार द्वारा केवल घोषणा करने से कोई फायदा नहीं है। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने नारा लगाते हुए उद्धव ठाकरे का उल्लेख ‘किसानों का अन्नदाता’ के रूप में किया।
