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ठाणे में शिंदे गुट को भाजपा की चुनौती! …अबकी बार ७० पार का दिया भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारा

सामना संवाददाता / मुंबई
ठाणे मनपा में कुल ३३ वॉर्ड हैं, जिनसे १३१ नगरसेवक चुने जाएंगे। २०१७ में हुए मनपा चुनाव में तत्कालीन शिवसेना और भाजपा ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में भाजपा ने कुल २३ सीटें जीती थीं। इस साल भाजपा कार्यकर्ता आत्मनिर्भरता का नारा बुलंद कर रहे हैं और ये कार्यकर्ता १३१ में से ७० सीटें जीतने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसीलिए शिविर में ‘अबकी बार सत्तर है’ का नारा दिया गया है।
गौरतलब हो कि महायुति ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ठाणे जिले में भारी सफलता हासिल की है, लेकिन अब स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति के घटक दलों में भारी असंतोष है। खासकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के ठाणे में भाजपा पदाधिकारियों द्वारा ‘एकला चलो’ का नारा दिए जाने के बाद अब अजीत पवार गुट के पदाधिकारियों ने भी अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी दिखाई है। अजीत पवार गुट के महाराष्ट्र प्रदेश महासचिव नजीब मुल्ला ने दावा किया कि हम मनपा चुनावों में शिंदे गुट द्वारा २० वर्षों से किए गए भ्रष्टाचार का बोझ नहीं उठाना चाहते। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई भाजपा और शिंदे गुट से है। भाजपा और अजीत पवार गुट के इस रुख से अब यह स्पष्ट हो गया है कि ठाणे के स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। राज्य में एनसीपी में विभाजन के बाद विधायक जितेंद्र आव्हाड शरद पवार के साथ रहे। लेकिन आव्हाड के करीबी माने जानेवाले पूर्व सांसद आनंद परांजपे और पूर्व नगरसेवक नजीब मुल्ला ने सैकड़ों पदाधिकारियों के साथ अजीत पवार का समर्थन किया।

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