मुख्यपृष्ठसमाचारसुबह महापौर से मिला क्यूआर कार्ड, शाम को पुलिस ने ठोका जुर्माना!

सुबह महापौर से मिला क्यूआर कार्ड, शाम को पुलिस ने ठोका जुर्माना!

-पुलिस की दादागिरी से ‘वैध’ फेरीवालों का धंधा चौपट

-बीएमसी की व्यवस्था पर उठे सवाल

-क्यूआर कार्ड थमाया, धंधा छीन लिया

जेदवी / मुंबई

गुरुवार को मुंबई मनपा मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महापौर रितू तावडे के हाथों पंजीकृत फेरीवालों को प्रतीकात्मक रूप से क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य अधिकृत फेरीवालों की पहचान सुनिश्चित करना और उनके रोजगार को कानूनी संरक्षण प्रदान करना बताया गया। यह पूरी प्रक्रिया हाई कोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है।
एक ओर मुंबई मनपा पंजीकृत फेरीवालों को क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र देकर वैधानिक सुरक्षा और सम्मानजनक रोजगार का भरोसा दे रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर पुलिस की दादागीरी ने पूरी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। मनपा से ‘वैध’ घोषित फेरीवालों को भी सड़क पर धंधा करने नहीं दिया जा रहा है।
इसी कार्यक्रम में अंधेरी पूर्व के नागरदास रोड पर टमाटर बेचने वाले पंजीकृत फेरीवाले मोहन हंसराज यादव को भी क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्रदान किया गया। वर्षों से छोटे स्तर पर सब्जी बेचकर परिवार का भरण-पोषण कर रहे मोहन यादव के लिए यह पहचान पत्र राहत और सुरक्षा का प्रतीक माना जा रहा था।
लेकिन विडंबना यह रही कि कार्यक्रम के कुछ ही घंटों बाद उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, सुबह मनपा मुख्यालय से क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र प्राप्त करने के बाद मोहन यादव अपने नियमित स्थान पर व्यवसाय शुरू करने पहुंचे, लेकिन शाम को पुलिस कर्मियों ने उनका क्यूआर कोड और पहचान पत्र देखने के बावजूद उसे मान्यता देने से इनकार कर दिया और उनसे जुर्माना वसूल लिया। इसी तरह बांद्रा पश्चिम के पंजीकृत फेरीवाले सदानंद मिश्रा क्यूआर कार्ड लेकर छोटा कपड़ा व्यवसाय शुरू करने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी धंधा लगाने की अनुमति नहीं दी।
घटना के बाद फेरीवाला संगठनों में भारी नाराजगी है। संगठनों का कहना है कि बीएमसी द्वारा जारी क्यूआर कोड और पहचान पत्र को सभी संबंधित विभागों, विशेषकर पुलिस प्रशासन, द्वारा तत्काल मान्यता दी जानी चाहिए। साथ ही पंजीकृत फेरीवालों के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए और क्यूआर कोड व्यवस्था को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने चाहिए।

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